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पटना में सचिवालय कर्मियों के लिए इलेक्ट्रिक और पिंक बस सेवा शुरू, 5 रूटों पर चलेंगी 25 विशेष बसें

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पटना में सचिवालय कर्मियों के लिए विशेष इलेक्ट्रिक और पिंक बस सेवा शुरू की गई है। 25 बसें 5 प्रमुख रूटों पर चलेंगी, जिससे सुरक्षित और किफायती आवागमन सुनिश्चित होगा।

पटना/आलम की खबर: बिहार की राजधानी पटना में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने सचिवालय आने-जाने वाले कर्मचारियों के लिए विशेष इलेक्ट्रिक और पिंक बस सेवा की शुरुआत कर दी है। इस नई पहल का उद्देश्य सरकारी कर्मियों को किफायती और सुविधाजनक यात्रा सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि निजी वाहनों पर निर्भरता कम हो और शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को नियंत्रित किया जा सके।

इस विशेष बस सेवा का शुभारंभ सोमवार को परिवहन मंत्री Damodar Rawat ने हरी झंडी दिखाकर किया। कार्यक्रम में परिवहन विभाग और बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने इसे बिहार में सार्वजनिक परिवहन सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

सरकारी कर्मियों को मिलेगी सुरक्षित और समयबद्ध यात्रा सुविधा

पटना सचिवालय में प्रतिदिन हजारों कर्मचारी अलग-अलग इलाकों से पहुंचते हैं। अब तक अधिकांश लोग निजी बाइक, कार या ऑटो का इस्तेमाल करते थे, जिससे ट्रैफिक जाम और ईंधन की खपत लगातार बढ़ रही थी। नई इलेक्ट्रिक और पिंक बस सेवा शुरू होने के बाद कर्मचारियों को निर्धारित समय पर सुरक्षित और आरामदायक यात्रा सुविधा मिलेगी।

सरकार का मानना है कि यह सेवा न केवल यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि सार्वजनिक परिवहन के प्रति लोगों का भरोसा भी बढ़ाएगी। खासकर महिलाओं के लिए शुरू की गई पिंक बस सेवा को सुरक्षा और सुविधा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत पर जोर

नई बस सेवा के पीछे सरकार का एक बड़ा उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण भी है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से पेट्रोल और डीजल की खपत कम होगी, जिससे प्रदूषण पर भी सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।

परिवहन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण को लेकर दिए गए संदेश के अनुरूप यह कदम उठाया गया है। सरकार चाहती है कि धीरे-धीरे अधिक से अधिक लोग सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें।

5 प्रमुख रूटों पर चलेगी 25 बसें

Bihar State Road Transport Corporation के अनुसार इस विशेष सेवा के तहत कुल 25 बसों का परिचालन शुरू किया गया है। इनमें 15 इलेक्ट्रिक बसें और 10 पिंक बसें शामिल हैं। इन बसों को पटना के पांच प्रमुख रूटों पर चलाया जाएगा ताकि अलग-अलग इलाकों से सचिवालय पहुंचने वाले कर्मियों को सीधी सुविधा मिल सके।

पटना जंक्शन से सचिवालय तक विशेष सेवा

पहला रूट मल्टी मॉडल हब यानी पटना जंक्शन से शुरू होगा। यह सेवा आर ब्लॉक, इनकम टैक्स, विद्युत भवन, पटना उच्च न्यायालय और बिहार म्यूजियम होते हुए सचिवालय तक जाएगी। सुबह के व्यस्त समय में कई बसों का संचालन किया जाएगा ताकि कर्मचारियों को अधिक इंतजार न करना पड़े।

दानापुर से सगुना मोड़ होते हुए सचिवालय तक

दूसरा प्रमुख रूट दानापुर स्टेशन से शुरू होगा। यह बस सगुना मोड़, आरपीएस मोड़, गोला रोड, जगदेव पथ, आशियाना नगर, आईजीआईएमएस और शेखपुरा मोड़ होते हुए सचिवालय पहुंचेगी। यह रूट उन कर्मचारियों के लिए राहत साबित होगा जो पश्चिमी पटना और दानापुर क्षेत्र से आते हैं।

कंकड़बाग और पूर्वी पटना के लिए विशेष सुविधा

धनुकी मोड़ से शुरू होने वाली सेवा कुम्हरार, भूतनाथ रोड, एनएमसीएच, राजेंद्र नगर टर्मिनल और कंकड़बाग कॉलोनी मोड़ होते हुए विकास भवन तक जाएगी। इससे पूर्वी पटना के कर्मचारियों को सीधे सचिवालय तक पहुंचने में आसानी होगी।

महिलाओं के लिए पिंक बस सेवा

कुर्जी से सचिवालय तक विशेष पिंक बस सेवा शुरू की गई है। यह बस पी एंड एम मॉल, पाटलिपुत्र कॉलोनी, एएन कॉलेज और बोरिंग रोड जैसे प्रमुख इलाकों से होकर गुजरेगी। महिला यात्रियों की सुरक्षा और आराम को ध्यान में रखते हुए इस सेवा को विशेष रूप से तैयार किया गया है।

गांधी मैदान से भी मिलेगी सीधी सुविधा

गांधी मैदान से सचिवालय के लिए भी विशेष बस सेवा शुरू की गई है। यह बस डाकबंगला चौराहा, इनकम टैक्स, हाईकोर्ट और बिहार म्यूजियम होते हुए विश्वेश्वरैया भवन तक जाएगी।

शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर पड़ेगा असर

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकारी कर्मचारी निजी वाहनों की जगह बस सेवा का उपयोग करते हैं तो पटना की ट्रैफिक व्यवस्था पर सकारात्मक असर पड़ेगा। इससे सड़क पर वाहनों की संख्या कम होगी और जाम की समस्या में भी कुछ राहत मिल सकती है।

सार्वजनिक परिवहन के नए मॉडल की शुरुआत

यह पहल सिर्फ एक बस सेवा नहीं बल्कि बिहार में सार्वजनिक परिवहन के नए मॉडल की शुरुआत मानी जा रही है। यदि यह योजना सफल होती है तो आने वाले समय में अन्य सरकारी कार्यालयों और जिलों में भी इसी तरह की सेवाएं शुरू की जा सकती हैं।

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