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गया में डूबने से तीन की मौत: बहू को बचाने कुएं में उतरे ससुर ने भी गंवाई जान, बोधगया में बच्ची की मौत

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गया जिले में मंगलवार सुबह अलग-अलग हादसों में तीन लोगों की डूबने से मौत हो गई। मोहनपुर के सिमरिया गांव में कुएं में गिरी महिला और उसे बचाने उतरे ससुर की जान चली गई, जबकि बोधगया में एक बच्ची की डूबने से मौत हो गई।

गया/आलम की खबर:Gaya जिले में मंगलवार की सुबह कई दर्दनाक घटनाओं ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। जिले के अलग-अलग इलाकों में पानी में डूबने से तीन लोगों की मौत हो गई। मोहनपुर थाना क्षेत्र के सिमरिया गांव में एक महिला कुएं में गिर गई, जिसे बचाने के लिए उतरे उसके ससुर भी अपनी जान नहीं बचा सके। वहीं दूसरी ओर बोधगया इलाके में एक मासूम बच्ची की पानी में डूबने से मौत हो गई। इन घटनाओं के बाद दोनों इलाकों में शोक और मातम का माहौल है।

कुएं में गिरने से शुरू हुआ दर्दनाक हादसा

जानकारी के अनुसार मोहनपुर थाना क्षेत्र के सिमरिया गांव निवासी फुलवा देवी मंगलवार सुबह घर से बाहर निकली थीं। इसी दौरान घर के पास स्थित पुराने कुएं के समीप अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे कुएं में जा गिरीं। महिला के गिरते ही आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और गांव में शोर फैल गया।

ग्रामीणों के अनुसार महिला को डूबता देख उसके ससुर परमेश्वर मांझी बिना देर किए उसे बचाने के लिए कुएं में उतर गए। लेकिन कुछ ही देर बाद वह भी अंदर फंस गए। गांव वालों का कहना है कि कुएं में गहरा पानी होने के साथ-साथ जहरीली गैस की भी आशंका थी, जिसके कारण दोनों की हालत तेजी से बिगड़ गई।

ग्रामीणों ने बचाने की कोशिश की

घटना के बाद गांव के लोग बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए। रस्सी और अन्य साधनों की मदद से दोनों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू की गई। काफी मशक्कत के बाद दोनों को कुएं से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। दोनों की हालत गंभीर थी और मौके पर मौजूद लोगों के बीच दहशत का माहौल बन गया।

घटना की सूचना मिलते ही मोहनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया।

गांव में पसरा मातम

इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में मातम छा गया है। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि इस तरह की घटना ने सभी को अंदर तक हिला दिया है। लोग लगातार यह चर्चा कर रहे हैं कि अगर कुएं के आसपास सुरक्षा घेराबंदी होती तो शायद यह हादसा नहीं होता।

कुछ ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव के पुराने और खुले कुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

बोधगया में बच्ची की डूबने से मौत

इसी बीच दूसरी दर्दनाक घटना बोधगया क्षेत्र से सामने आई, जहां एक बच्ची की पानी में डूबने से मौत हो गई। हालांकि बच्ची किन परिस्थितियों में पानी में गई और हादसा कैसे हुआ, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों ने बच्ची की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है।

परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

बोधगया की घटना के बाद बच्ची के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजन सदमे में हैं और पूरे इलाके में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जलाशयों और खुले पानी वाले क्षेत्रों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

एक ही दिन में डूबने से तीन लोगों की मौत ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण इलाकों में खुले कुएं, तालाब और जलभराव वाले स्थान अक्सर हादसों का कारण बनते हैं, लेकिन समय पर सुरक्षा उपाय नहीं होने से ऐसी घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने कुओं के चारों ओर मजबूत घेराबंदी और चेतावनी बोर्ड लगाए जाने चाहिए। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षा को लेकर जागरूक करने की भी जरूरत है।

पुलिस जांच जारी

पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों को लेकर और स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।

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