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CBSE Result के बाद छात्रों के लिए बड़ी राहत, कम नंबर आने पर अब मिलेगी फ्री टेली काउंसलिंग

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सीबीएसई ने 12वीं बोर्ड परीक्षा के बाद छात्रों के मानसिक तनाव और करियर कन्फ्यूजन को दूर करने के लिए 24×7 टेली काउंसलिंग सेवा शुरू की है। छात्र विशेषज्ञों से पढ़ाई, मानसिक स्वास्थ्य और करियर को लेकर सलाह ले सकेंगे।

पटना/आलम की खबर: Central Board of Secondary Education ने 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम के बाद छात्रों को मानसिक तनाव और करियर को लेकर होने वाली उलझनों से बाहर निकालने के लिए बड़ी पहल की है। बोर्ड ने ऐसे विद्यार्थियों के लिए विशेष टेली काउंसलिंग सेवा शुरू की है जिन्हें परीक्षा में उम्मीद के मुताबिक अंक नहीं मिले हैं या जो अपने भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं। इस पहल के जरिए छात्र अब घर बैठे विशेषज्ञ काउंसलरों से सलाह लेकर अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकेंगे।

सीबीएसई की ओर से शुरू की गई यह सुविधा देशभर के लाखों छात्रों के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है। बोर्ड का मानना है कि परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद बड़ी संख्या में छात्र मानसिक दबाव, निराशा और भविष्य की चिंता से गुजरते हैं। कई छात्र अपेक्षा से कम अंक आने पर आत्मविश्वास खो बैठते हैं, जबकि कुछ छात्र यह तय नहीं कर पाते कि आगे किस क्षेत्र में करियर बनाना उनके लिए बेहतर रहेगा। ऐसे समय में सही मार्गदर्शन और मनोवैज्ञानिक सहायता बेहद जरूरी हो जाती है।

इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए सीबीएसई ने 24 घंटे उपलब्ध रहने वाली टेली काउंसलिंग सेवा शुरू की है। बोर्ड की ओर से जारी टोल-फ्री नंबर 1800118004 पर छात्र संपर्क कर विशेषज्ञों से सीधे बातचीत कर सकते हैं। इस व्यवस्था में देशभर के 100 से अधिक प्रशिक्षित काउंसलरों को जोड़ा गया है, जो विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य, पढ़ाई, परीक्षा तनाव, समय प्रबंधन और करियर विकल्पों से जुड़ी सलाह देंगे।

विशेषज्ञों का कहना है कि बोर्ड परीक्षा के परिणाम केवल अंक नहीं बल्कि छात्रों की मानसिक स्थिति को भी प्रभावित करते हैं। कई बार अच्छे छात्र भी अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाते, जिससे उनमें निराशा बढ़ जाती है। ऐसे में परिवार और समाज का दबाव स्थिति को और गंभीर बना देता है। काउंसलिंग सेवा का उद्देश्य छात्रों को यह समझाना है कि कम अंक जीवन की असफलता नहीं होते और हर छात्र के पास आगे बढ़ने के कई अवसर मौजूद रहते हैं।

सीबीएसई हर वर्ष परीक्षा से पहले और परिणाम जारी होने के बाद दो चरणों में काउंसलिंग सुविधा उपलब्ध कराता है। परीक्षा से पहले छात्रों को तनावमुक्त होकर तैयारी करने की सलाह दी जाती है, जबकि परिणाम के बाद उन्हें भविष्य की दिशा तय करने और मानसिक रूप से मजबूत बने रहने के लिए मार्गदर्शन दिया जाता है। इस बार बोर्ड ने सेवा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अनुभवी शिक्षकों, मनोवैज्ञानिकों और करियर विशेषज्ञों को भी शामिल किया है।

करियर विशेषज्ञों का मानना है कि आज के समय में छात्रों के सामने करियर के अनगिनत विकल्प मौजूद हैं। पहले जहां मेडिकल और इंजीनियरिंग को ही सबसे सुरक्षित करियर माना जाता था, वहीं अब डिजिटल मीडिया, डेटा साइंस, डिजाइनिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, होटल मैनेजमेंट, लॉ, पत्रकारिता और एंटरप्रेन्योरशिप जैसे क्षेत्रों में भी बेहतर अवसर उपलब्ध हैं। लेकिन सही जानकारी के अभाव में कई छात्र भ्रमित हो जाते हैं। टेली काउंसलिंग के जरिए उन्हें उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार सही दिशा दिखाने की कोशिश की जाएगी।

मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी इस पहल को बेहद जरूरी बताया है। उनका कहना है कि परीक्षा परिणाम के समय कई छात्र अवसाद, चिंता और आत्मग्लानि जैसी समस्याओं का सामना करते हैं। सोशल मीडिया पर दूसरों के बेहतर अंक देखकर भी कई छात्रों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ऐसे समय में सकारात्मक बातचीत और पेशेवर सलाह छात्रों का आत्मविश्वास वापस लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

अभिभावकों को भी सलाह दी गई है कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें। विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार माता-पिता की अपेक्षाएं छात्रों के मानसिक तनाव को बढ़ा देती हैं। परिणाम चाहे जैसा भी हो, परिवार का सहयोग और प्रोत्साहन बच्चों के लिए सबसे बड़ी ताकत होता है। काउंसलर अभिभावकों को भी यह समझाने का प्रयास करेंगे कि बच्चों की तुलना दूसरों से करने के बजाय उनकी क्षमता को पहचानना अधिक जरूरी है।

सीबीएसई की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब देशभर में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है। शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि केवल परीक्षा और अंक आधारित व्यवस्था से हटकर छात्रों के भावनात्मक और मानसिक विकास पर भी ध्यान देना जरूरी है। टेली काउंसलिंग जैसी सेवाएं छात्रों को भावनात्मक सहारा देने के साथ-साथ उन्हें भविष्य के लिए सकारात्मक सोच विकसित करने में मदद करती हैं।

छात्रों और शिक्षकों ने भी बोर्ड के इस फैसले का स्वागत किया है। कई विद्यार्थियों का कहना है कि रिजल्ट के बाद सही सलाह मिलना बेहद जरूरी होता है क्योंकि उसी समय भविष्य को लेकर सबसे ज्यादा भ्रम की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में विशेषज्ञों से सीधे बात करने का मौका मिलना उनके लिए काफी मददगार साबित होगा।

सीबीएसई ने छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के तनाव या भ्रम की स्थिति में अकेले परेशान न हों और जरूरत पड़ने पर काउंसलिंग सेवा का लाभ जरूर लें। बोर्ड का कहना है कि सही मार्गदर्शन और सकारात्मक सोच के साथ हर छात्र अपने भविष्य को बेहतर बना सकता है।

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