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‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की सोशल मीडिया पर धमाकेदार एंट्री, संस्थापक ने अकाउंट हैक होने का किया दावा

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‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इंस्टाग्राम अकाउंट हैक होने का दावा किया है। वहीं पार्टी का X हैंडल भारत में ब्लॉक होने और सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ती लोकप्रियता को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

पटना/आलम की खबर: सोशल मीडिया की दुनिया में तेजी से उभरी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ यानी CJP अब राजनीतिक और डिजिटल बहस का बड़ा विषय बन चुकी है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दावा किया है कि उनका निजी इंस्टाग्राम अकाउंट हैक कर लिया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि लगातार कोशिशों के बावजूद वह अपने अकाउंट को दोबारा एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी से जुड़ा बैकअप इंस्टाग्राम अकाउंट भी कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया था, हालांकि बाद में उसे फिर से चालू कर दिया गया।

अभिजीत दीपके का कहना है कि सोशल मीडिया पर उनकी पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता के बीच उन पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि उन्होंने किसी संस्था या व्यक्ति का सीधा नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। राजनीतिक हलकों में भी इस मामले को लेकर बहस तेज हो गई है।

महाराष्ट्र से संबंध रखने वाले अभिजीत दीपके फिलहाल अमेरिका के बोस्टन में रह रहे हैं। हाल के दिनों में देश की न्यायपालिका और युवाओं को लेकर हुई एक टिप्पणी के बाद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ सोशल मीडिया पर अचानक चर्चा में आई थी। इसके बाद पार्टी ने युवाओं, बेरोजगारी, शिक्षा और सामाजिक मुद्दों को लेकर डिजिटल अभियान शुरू किया, जिसे बड़ी संख्या में सोशल मीडिया यूजर्स का समर्थन मिलने लगा।

सबसे ज्यादा चर्चा पार्टी के सोशल मीडिया प्रभाव को लेकर हो रही है। इंस्टाग्राम पर बेहद कम पोस्ट होने के बावजूद पार्टी के फॉलोअर्स करोड़ों में पहुंच चुके हैं। सोशल मीडिया विश्लेषकों का मानना है कि इतनी तेजी से किसी नए राजनीतिक या व्यंग्यात्मक अभियान का वायरल होना असामान्य माना जा रहा है। यही वजह है कि अब यह सिर्फ इंटरनेट ट्रेंड नहीं बल्कि राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन गया है।

इस बीच ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का आधिकारिक X हैंडल भारत में ब्लॉक कर दिया गया है। हालांकि अन्य देशों में यह अकाउंट अब भी देखा जा सकता है। इस कार्रवाई के बाद विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। उनका आरोप है कि सरकार आलोचनात्मक और व्यंग्यात्मक आवाजों को दबाने की कोशिश कर रही है। वहीं सरकार समर्थक इसे सोशल मीडिया नियमों और प्लेटफॉर्म पॉलिसी से जुड़ा मामला बता रहे हैं।

केरल समेत कई राज्यों में विपक्षी नेताओं और छात्र संगठनों ने CJP को खुला समर्थन दिया है। कांग्रेस, आईयूएमएल और वामपंथी संगठनों के कुछ युवा नेताओं ने पार्टी द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों को युवाओं की वास्तविक समस्याओं से जुड़ा बताया है। उनका कहना है कि बेरोजगारी, शिक्षा और आर्थिक दबाव जैसे विषयों पर युवाओं की आवाज उठाना लोकतंत्र का हिस्सा है।

युवा संगठनों का कहना है कि सोशल मीडिया आज राजनीतिक अभिव्यक्ति का बड़ा माध्यम बन चुका है और यदि किसी प्लेटफॉर्म पर सवाल उठाने वालों के अकाउंट ब्लॉक किए जाते हैं तो यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा विषय बन जाता है। कई छात्र नेताओं ने कहा कि युवाओं की समस्याओं पर खुलकर चर्चा होना जरूरी है और डिजिटल प्लेटफॉर्म को लोकतांत्रिक संवाद का माध्यम बने रहना चाहिए।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पारंपरिक राजनीति से अलग एक डिजिटल आंदोलन की तरह सामने आई है। इसकी भाषा व्यंग्यात्मक है लेकिन इसके जरिए बेरोजगारी, शिक्षा, आर्थिक असमानता और युवाओं की नाराजगी जैसे मुद्दों को उठाया जा रहा है। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर इसे बड़ी संख्या में समर्थन मिल रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में सोशल मीडिया अब केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रह गया है। राजनीतिक दल, छात्र संगठन और सामाजिक अभियान अब डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए सीधे युवाओं तक पहुंच रहे हैं। ऐसे में किसी नए अभियान का वायरल होना राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है।

अभिजीत दीपके ने अपने बयान में कहा कि उनका उद्देश्य युवाओं और आम लोगों की आवाज को सामने लाना है। उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया पर लोगों का समर्थन लगातार बढ़ रहा है और बड़ी संख्या में युवा इस अभियान से जुड़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किसी भी विचार को दबाने की कोशिश लोकतांत्रिक भावना के खिलाफ है।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद सोशल Media पर #CockroachJantaParty और #CJP जैसे हैशटैग तेजी से ट्रेंड करने लगे। कई यूजर्स ने पार्टी के समर्थन में पोस्ट किए, जबकि कुछ लोगों ने इसे केवल एक व्यंग्यात्मक डिजिटल ट्रेंड बताया। हालांकि इतना जरूर साफ हो गया है कि CJP अब इंटरनेट तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बन चुकी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में सोशल मीडिया आधारित ऐसे अभियान और ज्यादा प्रभावी हो सकते हैं। खासकर युवाओं के बीच डिजिटल राजनीति की पकड़ लगातार मजबूत हो रही है। ऐसे में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का मामला केवल एक सोशल मीडिया विवाद नहीं बल्कि बदलती राजनीतिक संस्कृति का संकेत भी माना जा रहा है।

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