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Lalu Yadav News: पोते इराज के बर्थडे पर लालू यादव का शक्ति प्रदर्शन, राहुल-अखिलेश-केजरीवाल समेत कई दिग्गज होंगे शामिल

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राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव 27 मई को गाजियाबाद में पोते इराज लालू यादव के पहले जन्मदिन के बहाने बड़ा राजनीतिक आयोजन करने जा रहे हैं। राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल समेत कई विपक्षी नेताओं के शामिल होने की संभावना है।

पटना/आलम की खबर: बिहार की राजनीति में एक बार फिर राष्ट्रीय जनता दल बड़े स्तर पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की तैयारी में जुट गया है। विधानसभा चुनाव में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने के बाद अब पार्टी संगठन और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने के लिए राजद सुप्रीमो Lalu Prasad Yadav एक खास रणनीति पर काम कर रहे हैं। इस रणनीति का केंद्र बनने जा रहा है 27 मई को आयोजित होने वाला एक भव्य कार्यक्रम, जो दिल्ली से सटे गाजियाबाद में होगा। खास बात यह है कि यह आयोजन राजनीतिक मंच के रूप में नहीं बल्कि लालू यादव के पोते और Tejashwi Yadav के बेटे इराज के पहले जन्मदिन समारोह के तौर पर आयोजित किया जा रहा है, लेकिन इसके राजनीतिक मायने बेहद बड़े माने जा रहे हैं।

राजनीतिक गलियारों में इस कार्यक्रम को विपक्षी एकता के नए संकेत के रूप में देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार इस समारोह में कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi, समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal समेत कई बड़े विपक्षी नेताओं को आमंत्रित किया गया है। राजद सूत्रों के मुताबिक विभिन्न दलों के वरिष्ठ नेताओं से संपर्क साधा जा रहा है और उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता भेजा गया है। ऐसे में यह समारोह केवल पारिवारिक आयोजन तक सीमित नहीं रहने वाला, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी महत्वपूर्ण संदेश देने वाला कार्यक्रम बन सकता है।

बताया जा रहा है कि राजद नेतृत्व इस आयोजन के जरिए महागठबंधन के भीतर आई खटास और दूरियों को कम करने का प्रयास कर रहा है। बिहार विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव के बाद विपक्षी दलों के बीच समन्वय को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आई थीं। ऐसे माहौल में लालू यादव का यह कदम विपक्षी एकजुटता की नई कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार की राजनीति में अभी भी लालू यादव की स्वीकार्यता और प्रभाव कायम है, इसलिए उनके परिवार के आयोजन में विपक्षी नेताओं की मौजूदगी एक बड़े राजनीतिक संदेश के तौर पर देखी जाएगी।

सूत्रों के अनुसार राजद संगठन को भी इस कार्यक्रम को लेकर विशेष जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल, प्रधान महासचिव रणविजय साहू समेत कई वरिष्ठ नेताओं को कार्यक्रम की तैयारियों में सक्रिय रहने को कहा गया है। इसके अलावा पार्टी के सभी विधायक, विधान पार्षद, सांसद और प्रमुख पदाधिकारियों को दिल्ली पहुंचने का निर्देश दिया गया है। माना जा रहा है कि लंबे समय बाद राजद अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाकर शक्ति प्रदर्शन की तैयारी कर रहा है।

इराज के जन्मदिन समारोह को लेकर राजद कार्यकर्ताओं में भी काफी उत्साह देखा जा रहा है। तेजस्वी यादव के बेटे इराज का जन्म पिछले वर्ष कोलकाता में हुआ था। अब उनके पहले जन्मदिन को विशेष तरीके से मनाने की तैयारी चल रही है। कार्यक्रम गाजियाबाद में लालू यादव की बेटी रागिनी यादव के आवास के पास आयोजित होगा, जहां बिहार के अलावा दिल्ली, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से भी नेताओं और समर्थकों के पहुंचने की संभावना है।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि लालू यादव भले ही स्वास्थ्य कारणों से पहले की तरह सक्रिय राजनीति में लगातार दिखाई नहीं देते हों, लेकिन विपक्षी राजनीति को एक मंच पर लाने की उनकी क्षमता आज भी कायम है। यही वजह है कि उनके परिवार का यह निजी कार्यक्रम अचानक राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। विपक्षी दलों के कई नेता पहले भी लालू यादव को सामाजिक न्याय की राजनीति का बड़ा चेहरा बताते रहे हैं। ऐसे में यदि इस समारोह में बड़े नेताओं की मौजूदगी होती है तो यह आने वाले समय में विपक्षी रणनीति को नई दिशा दे सकती है।

इस आयोजन के जरिए तेजस्वी यादव के नेतृत्व को भी मजबूती देने की कोशिश मानी जा रही है। पिछले कुछ समय से बिहार की राजनीति में यह चर्चा तेज रही है कि राजद को नए सिरे से संगठनात्मक मजबूती की जरूरत है। पार्टी के युवा कार्यकर्ता चाहते हैं कि तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय स्तर पर भी मजबूत पहचान मिले। ऐसे में विपक्षी नेताओं के साथ उनकी एकजुट तस्वीरें राजनीतिक रूप से काफी अहम मानी जा रही हैं। माना जा रहा है कि इस समारोह के जरिए राजद यह संदेश देना चाहता है कि विपक्ष अभी भी एकजुट होकर भाजपा के खिलाफ मजबूत लड़ाई लड़ सकता है।

कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाने के लिहाज से भी यह आयोजन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चुनावी हार के बाद कई जगहों पर पार्टी कार्यकर्ताओं में निराशा की स्थिति देखी गई थी। अब पार्टी नेतृत्व चाहता है कि संगठन को फिर से सक्रिय किया जाए और कार्यकर्ताओं को यह भरोसा दिलाया जाए कि राजद अब भी बिहार की सबसे मजबूत विपक्षी ताकतों में शामिल है। यही वजह है कि इस कार्यक्रम को केवल पारिवारिक आयोजन न मानकर राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद अहम माना जा रहा है।

हालांकि अभी तक विपक्षी दलों की ओर से आधिकारिक रूप से किसी बड़े नेता की उपस्थिति की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन जिस तरह से तैयारियां चल रही हैं उससे यह साफ है कि 27 मई का दिन बिहार और राष्ट्रीय राजनीति दोनों के लिए काफी चर्चित रहने वाला है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि गाजियाबाद में होने वाले इस आयोजन में विपक्ष कितना मजबूत संदेश देने में सफल रहता है।

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