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Bihar Weather News: बिहार के 6 जिलों में लू का अलर्ट, सीमांचल-कोसी में बारिश के आसार, बदला मौसम का मिजाज

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बिहार में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। बक्सर समेत 6 जिलों में हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि सीमांचल और कोसी क्षेत्र में बारिश, तेज हवा और वज्रपात की संभावना जताई गई है। राजधानी पटना में भी उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है।

पटना/आलम की खबर:बिहार में जून की शुरुआत के साथ मौसम ने दो अलग-अलग रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। राज्य के पश्चिमी और दक्षिणी जिलों में जहां भीषण गर्मी और लू लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है, वहीं सीमांचल और कोसी क्षेत्र के कई इलाकों में बारिश और बादलों की आवाजाही से मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना हुआ है। मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए राज्य के छह जिलों में हीटवेव को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि पूर्वी बिहार के कई जिलों में आंधी, बारिश और वज्रपात की संभावना व्यक्त की गई है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बिहार इस समय दो अलग-अलग मौसमीय प्रभावों से गुजर रहा है। राज्य के पश्चिमी हिस्से में शुष्क और गर्म पछुआ हवाएं चल रही हैं, जिससे तापमान लगातार बढ़ रहा है। दूसरी ओर बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी युक्त हवाएं पूर्वी बिहार के वातावरण को प्रभावित कर रही हैं, जिसके कारण बादल बन रहे हैं और कहीं-कहीं बारिश की स्थिति बन रही है। यही वजह है कि एक ही राज्य में मौसम के दो अलग-अलग स्वरूप देखने को मिल रहे हैं।

मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और अरवल जिले में लू जैसी स्थिति बनने की संभावना है। इन जिलों में अधिकतम तापमान 38 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान लगाया गया है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दिन के समय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

पिछले 24 घंटों के दौरान भी राज्य के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया। बक्सर जिला सबसे गर्म इलाकों में शामिल रहा, जहां पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। लगातार बढ़ती गर्मी के कारण बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर दोपहर के समय लोगों की आवाजाही कम देखने को मिल रही है। गर्म हवाओं के चलते बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी के दौरान शरीर में पानी की कमी तेजी से हो सकती है। ऐसे में लोगों को नियमित रूप से पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार लू लगने की स्थिति में चक्कर आना, सिरदर्द, अत्यधिक प्यास लगना और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

दूसरी ओर सीमांचल और कोसी क्षेत्र के जिलों में मौसम का मिजाज कुछ अलग बना हुआ है। यहां आसमान में बादलों की आवाजाही बनी हुई है और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने कुछ जिलों में तेज हवा के साथ गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी भी जारी की है। ऐसे में लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं के कारण पूर्वी बिहार में नमी बढ़ रही है। यह स्थिति मानसून पूर्व गतिविधियों को मजबूत कर रही है। हालांकि अभी मानसून के औपचारिक आगमन में समय है, लेकिन मौसम में बदलाव के संकेत स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं।

राजधानी पटना में भी गुरुवार को लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। सुबह से ही तेज धूप निकलने की संभावना है और दिन के समय तापमान 39 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। नमी अधिक होने के कारण लोगों को वास्तविक तापमान से ज्यादा गर्मी महसूस हो सकती है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि शाम के समय कुछ क्षेत्रों में आंशिक बादल छा सकते हैं, जिससे रात के समय हल्की राहत मिलने की उम्मीद है।

गर्मी और बारिश के इस मिश्रित मौसम का असर कृषि क्षेत्र पर भी पड़ सकता है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि जहां बारिश वाले क्षेत्रों में मिट्टी की नमी बनी रहेगी, वहीं अत्यधिक गर्मी वाले जिलों में खेतों की नमी तेजी से कम हो सकती है। किसानों को मौसम की स्थिति को देखते हुए सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग ने वज्रपात की संभावना वाले क्षेत्रों के लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने को कहा गया है। किसानों से भी अनुरोध किया गया है कि गरज-चमक के दौरान खेतों में काम न करें।

बिहार में मौसम का यह बदला हुआ स्वरूप यह संकेत दे रहा है कि आने वाले दिनों में मौसम और तेजी से करवट ले सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जून के दूसरे सप्ताह में मानसून पूर्व गतिविधियां और बढ़ सकती हैं। इसके कारण कुछ क्षेत्रों में बारिश की मात्रा बढ़ने की संभावना है, जबकि कुछ हिस्सों में गर्मी का असर अभी भी जारी रह सकता है।

फिलहाल मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों को समय-समय पर अपडेट जारी किए जा रहे हैं। ऐसे में नागरिकों को मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और आवश्यक सावधानी बरतने की जरूरत है ताकि गर्मी, लू और वज्रपात जैसी परिस्थितियों से सुरक्षित रहा जा सके।

बिहार में एक साथ लू और बारिश का असर यह दर्शाता है कि मौसम का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। ऐसे समय में मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेना बेहद जरूरी है। प्रशासन को भी हीटवेव प्रभावित क्षेत्रों में विशेष इंतजाम करने चाहिए ताकि लोगों को राहत मिल सके और किसी प्रकार की जनहानि न हो।

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