:
Breaking News

समस्तीपुर में 15 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच बिहार सिपाही भर्ती परीक्षा शुरू, प्रशासन हाई अलर्ट पर

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

समस्तीपुर में मद्य निषेध सिपाही, कक्षपाल और चलंत दस्ता सिपाही भर्ती परीक्षा कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई। 15 केंद्रों पर मेटल डिटेक्टर, बायोमेट्रिक और CCTV से निगरानी, कदाचार पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी।

समस्तीपुर/आलम की खबर:समस्तीपुर जिले में रविवार से बिहार पुलिस के मद्य निषेध सिपाही, कक्षपाल और चलंत दस्ता सिपाही के कुल 4,210 पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हो गई। परीक्षा 14 और 17 जून को दो पालियों में आयोजित की जा रही है। जिले भर में कुल 15 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां सुबह से ही परीक्षार्थियों की भारी भीड़ देखने को मिली। प्रशासन ने परीक्षा को पूरी तरह कदाचार मुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक स्तर पर सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था की है।

सुबह करीब सात बजे से ही विभिन्न इलाकों से आए अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों के बाहर जुटने लगे थे। परीक्षा केंद्रों के गेट खुलते ही कतारबद्ध तरीके से प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई। इस दौरान हर परीक्षार्थी की गहन जांच की गई ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या अनुचित साधनों के इस्तेमाल को रोका जा सके।

परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों की मेटल डिटेक्टर से जांच अनिवार्य की गई है। इसके साथ ही बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था भी लागू की गई है, जिससे फर्जी परीक्षार्थियों और सॉल्वर गैंग पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। प्रत्येक केंद्र पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जा रही है। केंद्राधीक्षकों और वीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि परीक्षा अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

हाल ही में बेगूसराय में शिक्षा माफिया और सॉल्वर गैंग के खुलासे के बाद समस्तीपुर जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क मोड में आ गई है। इसी को देखते हुए सभी परीक्षा केंद्रों के बाहर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, दंडाधिकारी और मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। इसके अलावा सादे लिबास में पुलिसकर्मी भी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं, जबकि खुफिया इकाइयां लगातार इनपुट एकत्र कर रही हैं।

परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक केंद्र पर विशेष निगरानी टीम गठित की गई है। यह टीम यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी परीक्षार्थी को अनुचित लाभ न मिले और परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष रहे। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि नकल या कदाचार की कोशिश करने वालों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।

जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने भी परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था का जायजा लेते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि परीक्षा की पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी या फर्जीवाड़े को गंभीर अपराध माना जाएगा और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने सभी पदाधिकारियों को सतर्क रहकर अपनी जिम्मेदारी निभाने का निर्देश दिया।

इधर परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों के परिजनों की भीड़ भी देखी गई, जो परीक्षा समाप्त होने तक केंद्रों के आसपास डटे रहे। प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के लिए अलग से व्यवस्था की है ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न फैले। यातायात पुलिस ने भी कई केंद्रों के आसपास ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए विशेष प्लान लागू किया है।

इस पूरी परीक्षा प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों में भी गंभीरता देखी जा रही है। लंबे समय से तैयारी कर रहे उम्मीदवार इस परीक्षा को अपने भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण मान रहे हैं। वहीं प्रशासन का दावा है कि इस बार की परीक्षा बिहार पुलिस भर्ती इतिहास की सबसे सुरक्षित और पारदर्शी परीक्षाओं में से एक होगी।

यह भी पढ़ें:

https://alamkikhabar.com/bihar-police-vacancy-update-samastipur⁠�

https://alamkikhabar.com/education-news-exam-security-bihar⁠�

https://alamkikhabar.com/samastipur-news-police-alert-exam

समस्तीपुर में आयोजित बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा एक बार फिर यह साबित कर रही है कि सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और सख्ती कितनी आवश्यक है। पिछले कुछ वर्षों में परीक्षा में धांधली और सॉल्वर गैंग की घटनाओं ने पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे, लेकिन इस बार प्रशासन ने पहले से कहीं अधिक सख्त कदम उठाए हैं।

मेटल डिटेक्टर, बायोमेट्रिक सत्यापन और सीसीटीवी निगरानी जैसी तकनीकों का उपयोग यह दर्शाता है कि प्रशासन अब आधुनिक सुरक्षा प्रणाली की ओर बढ़ रहा है। बेगूसराय कांड के बाद पुलिस और प्रशासन का हाई अलर्ट मोड में आना भी इस बात का संकेत है कि किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

हालांकि सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि परीक्षा केवल तकनीकी सुरक्षा पर नहीं, बल्कि मानवीय सतर्कता पर भी निर्भर करती है। सादे लिबास में पुलिसकर्मियों की तैनाती और खुफिया निगरानी इस दिशा में एक मजबूत कदम है।

इस पूरी व्यवस्था से अभ्यर्थियों में विश्वास बढ़ा है कि मेहनत करने वालों के साथ न्याय होगा। यदि इस तरह की सख्ती लगातार जारी रहती है, तो भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और विश्वसनीयता दोनों मजबूत होंगी।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *