:
Breaking News

Railway New Rules 2026: रेलवे में बदले नियम, बिना टिकट यात्रा से लेकर धूम्रपान तक कई मामलों में नया जुर्माना प्रावधान

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

जन विश्वास अधिनियम 2026 लागू होने के बाद रेलवे के कई छोटे अपराधों में बदलाव किया गया है। अब कई मामलों में आपराधिक कार्रवाई की जगह प्रशासनिक जुर्माना लगाया जाएगा।

मोतिहारी/आलम की खबर:रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार की ओर से लागू किए गए जन विश्वास अधिनियम-2026 के बाद रेलवे से जुड़े कई नियमों में बदलाव किया गया है। नए प्रावधानों के तहत रेलवे में होने वाले कुछ छोटे स्तर के अपराधों को अब आपराधिक श्रेणी से हटाकर प्रशासनिक कार्रवाई के दायरे में लाया गया है।

इस बदलाव का उद्देश्य आम लोगों को छोटे मामलों में लंबी कानूनी प्रक्रिया से राहत देना और व्यवस्था को सरल बनाना बताया जा रहा है। अब कई मामलों में यात्रियों को सीधे मुकदमे और जेल की प्रक्रिया से गुजरने की बजाय निर्धारित प्रशासनिक जुर्माना भरना होगा।

हालांकि, नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए जिम्मेदारी पहले की तरह बनी रहेगी। यदि कोई व्यक्ति निर्धारित जुर्माना जमा नहीं करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

रेलवे अधिकारियों और आरपीएफ को नए नियमों की जानकारी दे दी गई है। मुजफ्फरपुर-नरकटियागंज रेलखंड पर तैनात आरपीएफ पोस्ट कमांडरों को भी नए प्रावधानों से अवगत कराया गया है। यह नई व्यवस्था एक जुलाई से पूरी तरह प्रभावी होने की बात कही गई है।

बिना टिकट यात्रा पर बदले नियम

नए प्रावधानों के अनुसार यदि कोई यात्री जानबूझकर बिना टिकट यात्रा करता है या पुरानी टिकट का दोबारा इस्तेमाल करता है तो उसे यात्रा दूरी के किराए के साथ अतिरिक्त प्रशासनिक शुल्क देना होगा।

ऐसे मामलों में न्यूनतम 500 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया जा सकता है। यदि यात्री जुर्माने की राशि जमा नहीं करता है तो मामला न्यायालय तक जा सकता है, जहां नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

रेलवे का उद्देश्य है कि बिना टिकट यात्रा जैसी गतिविधियों पर रोक लगे और यात्रियों को टिकट लेकर यात्रा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

दूसरे व्यक्ति के टिकट पर यात्रा करना पड़ेगा महंगा

रेलवे ने टिकट से जुड़े नियमों में भी सख्ती बरकरार रखी है। यदि कोई व्यक्ति किसी दूसरे यात्री के नाम से जारी टिकट पर यात्रा करता पाया जाता है तो टिकट जब्त की जा सकती है।

इसके अलावा यात्री को टिकट किराए के बराबर या कम से कम 500 रुपये अतिरिक्त शुल्क के रूप में देना पड़ सकता है। नियमों का पालन नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान रखा गया है।

रेलवे परिसर में अवैध बिक्री पर कार्रवाई

रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में बिना अनुमति सामान बेचने वालों पर भी नए नियम लागू होंगे। बिना लाइसेंस के सामान बेचने पर 2000 रुपये तक का प्रशासनिक जुर्माना लगाया जा सकता है।

रेलवे परिसर में अनधिकृत गतिविधियों को रोकने के लिए आरपीएफ और रेलवे कर्मचारियों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा स्टेशन परिसर और ट्रेनों में भीख मांगने जैसी गतिविधियों को प्रतिबंधित किया गया है। ऐसे लोगों को रेलवे कर्मचारियों की सहायता से हटाने की व्यवस्था की जाएगी।

नशे और उपद्रव पर होगी सख्ती

रेलवे यात्रा के दौरान नशा करके हंगामा करने या अशोभनीय व्यवहार करने वालों पर भी नए नियमों के तहत कार्रवाई होगी।

यदि कोई यात्री ट्रेन या रेलवे परिसर में नशे की हालत में उपद्रव करता है, गंदगी फैलाता है या अन्य यात्रियों को परेशान करता है तो उसे ट्रेन से उतारा जा सकता है।

ऐसे मामलों में 1000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। यदि व्यक्ति इसके बाद भी उपद्रव जारी रखता है तो उस पर कानूनी कार्रवाई करते हुए जेल या अधिक जुर्माने का प्रावधान रहेगा।

महिला आरक्षित कोच में बैठने पर जुर्माना

रेलवे ने महिला यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आरक्षित डिब्बों के नियमों को भी सख्त किया है।

यदि कोई पुरुष यात्री जानबूझकर महिलाओं के लिए आरक्षित सीट, बर्थ या कोच में बैठता है तो उसकी टिकट जब्त की जा सकती है। साथ ही उस पर 2500 रुपये तक का प्रशासनिक जुर्माना लगाया जा सकता है और उसे कोच से बाहर किया जा सकता है।

रेलवे ने स्पष्ट किया है कि इस प्रावधान के तहत ट्रांसजेंडर यात्रियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

धूम्रपान और प्रदर्शन पर रोक

रेलवे स्टेशन, प्लेटफॉर्म और ट्रेन परिसर में धूम्रपान करने वालों पर भी सख्ती की गई है। ऐसे मामलों में टिकट जब्त करने के साथ 2000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

इसके अलावा स्टेशन परिसर, रेलवे लाइन या अन्य प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रदर्शन, रैली या जुलूस निकालने पर रोक रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 10 हजार रुपये तक का प्रशासनिक जुर्माना लगाया जा सकता है।

रेलवे प्रशासन का मानना है कि नए नियमों से व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। छोटे मामलों में त्वरित कार्रवाई होगी और यात्रियों को भी नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जा सकेगा।

यात्रियों के लिए जरूरी संदेश

रेलवे यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा के दौरान नियमों का पालन करें। टिकट लेकर यात्रा करें, आरक्षित सीटों का सम्मान करें और रेलवे परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने में सहयोग करें।

नए नियमों का उद्देश्य यात्रियों को परेशान करना नहीं बल्कि रेलवे व्यवस्था को सुरक्षित, अनुशासित और सुविधाजनक बनाना है।

रेलवे और आरपीएफ अधिकारियों की ओर से यात्रियों को जागरूक करने के लिए भी अभियान चलाया जाएगा, ताकि लोग नए नियमों को समझ सकें और अनजाने में होने वाली गलतियों से बच सकें।

यह भी पढ़ें:

बिहार रेलवे से जुड़ी ताजा खबरें पढ़ें: Alam ki khabar 

रेलवे देश की जीवनरेखा मानी जाती है और हर दिन करोड़ों लोग ट्रेन से यात्रा करते हैं। ऐसे में नियमों का पालन और यात्रियों की सुविधा दोनों महत्वपूर्ण हैं।

जन विश्वास अधिनियम के तहत छोटे अपराधों में बदलाव का उद्देश्य व्यवस्था को सरल बनाना है। इससे जहां यात्रियों को अनावश्यक कानूनी प्रक्रिया से राहत मिलेगी, वहीं नियम तोड़ने वालों पर आर्थिक दंड के माध्यम से नियंत्रण रखा जाएगा।

लेकिन नए नियमों की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि यात्रियों को इसकी सही जानकारी मिले और रेलवे प्रशासन इन्हें पारदर्शी तरीके से लागू करे।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *