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समस्तीपुर में 266 प्रशिक्षु सिपाहियों का पारण परेड समारोह, डीआईजी ने उज्ज्वल भविष्य की दी शुभकामनाएं

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समस्तीपुर बुनियादी प्रशिक्षण केंद्र में दरभंगा जिला बल के 266 प्रशिक्षु सिपाहियों का पारण परेड समारोह आयोजित हुआ। डीआईजी मिथिला क्षेत्र ने जवानों को कर्तव्य और सेवा के लिए प्रेरित किया।

समस्तीपुर/आलम की खबर: समस्तीपुर स्थित बुनियादी प्रशिक्षण केंद्र में सोमवार को पुलिस सेवा के नए अध्याय की शुरुआत हुई, जहां एक वर्ष तक कठिन प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले दरभंगा जिला बल के 266 प्रशिक्षु सिपाहियों का भव्य पारण परेड समारोह आयोजित किया गया। अनुशासन, साहस, कर्तव्य भावना और पुलिसिंग की बारीकियों से लैस होकर प्रशिक्षु जवानों ने परेड के माध्यम से अपनी क्षमता और प्रशिक्षण का शानदार प्रदर्शन किया।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मिथिला क्षेत्र दरभंगा के पुलिस उप महानिरीक्षक उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में समस्तीपुर के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सहित कई वरीय पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने प्रशिक्षु सिपाहियों की मेहनत, लगन और प्रशिक्षण के दौरान हासिल की गई उपलब्धियों की सराहना की।

पारण परेड समारोह के दौरान जवानों ने पूरे आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ कदमताल करते हुए पुलिस बल की गरिमा को प्रदर्शित किया। परेड में शामिल सभी प्रशिक्षु सिपाहियों ने बेहतर तालमेल, शारीरिक दक्षता और अनुशासन का परिचय दिया। एक वर्ष के कठिन प्रशिक्षण के बाद अब ये जवान अपने-अपने दायित्वों को निभाने के लिए तैयार हैं।

पुलिस उप महानिरीक्षक मिथिला क्षेत्र दरभंगा ने समारोह को संबोधित करते हुए प्रशिक्षु सिपाहियों को पुलिस सेवा की जिम्मेदारियों और चुनौतियों के प्रति सजग रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी केवल एक पहचान नहीं बल्कि समाज की सुरक्षा और विश्वास की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी प्रशिक्षु जवानों को ईमानदारी, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की शुभकामनाएं दीं।

समारोह में परेड कमांडरों और प्लाटून कमांडरों ने भी अपनी भूमिका को पूरी दक्षता के साथ निभाया। प्रथम परेड कमांडर के रूप में प्रशिक्षु सिपाही शिवम कुमार तिवारी ने परेड का नेतृत्व किया, जबकि द्वितीय परेड कमांडर की जिम्मेदारी प्रशिक्षु सिपाही रविकांत कुमार ने संभाली।

परेड के दौरान विभिन्न प्लाटूनों का नेतृत्व करने वाले प्रशिक्षु सिपाहियों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्लाटून संख्या एक की कमान देवव्रत तिवारी ने संभाली। प्लाटून संख्या दो का नेतृत्व शिवम कुमार ने किया। प्लाटून संख्या तीन के कमांडर जय प्रकाश कुमार रहे। प्लाटून संख्या चार की जिम्मेदारी अभिजीत कुमार चंचल ने निभाई। वहीं प्लाटून संख्या पांच का नेतृत्व सूरज कुमार ने किया।

इसके अलावा प्लाटून संख्या छह की कमान बिरेन्द्र कुमार, प्लाटून संख्या सात की कमान राजा राम यादव, प्लाटून संख्या आठ की कमान अभिषेक और प्लाटून संख्या नौ की कमान दीपक कुमार ने संभाली। सभी प्लाटूनों ने बेहतर समन्वय और अनुशासन का प्रदर्शन करते हुए समारोह को आकर्षक बनाया।

परेड समारोह में पुलिस बैंड का प्रदर्शन भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। प्रशिक्षु सिपाही गौरव कुमार के नेतृत्व में बैंड दल ने शानदार प्रस्तुति दी। बैंड की धुनों के साथ जवानों का कदमताल कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा रहा था।

प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जवानों को पुरस्कार और सम्मान से सम्मानित किया गया। बेस्ट ड्रिल और टर्न आउट अवार्ड प्रशिक्षु सिपाही देवव्रत तिवारी को दिया गया। वहीं बेस्ट प्लाटून कमांडर का सम्मान प्रशिक्षु सिपाही सूरज कुमार को मिला।

संपूर्ण प्रशिक्षण अवधि के दौरान बेहतर अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रशिक्षु सिपाही राहुल उरांव और सिंटु कुमार को सम्मानित किया गया। दोनों जवानों ने प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन और जिम्मेदारी का शानदार उदाहरण प्रस्तुत किया।

वाद्य यंत्र के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु सिपाही अभिषेक कुमार को बेस्ट वाद्य यंत्र पुरस्कार दिया गया। इसके अलावा प्रशिक्षण से जुड़े अधिकारियों और कर्मियों को भी उनके बेहतर योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

बेस्ट अंतः अनुदेशक के रूप में पुलिस निरीक्षक सचिन्द्र कुमार यादव और पुलिस निरीक्षक मोहन कुमार को सम्मान मिला। वहीं अन्य प्रशिक्षण सहयोगियों में हवलदार जयप्रकाश सिंह, साक्षर सिपाही अभिषेक कुमार, सिपाही प्रफुल्ल कुमार सिंह और सिपाही राजीव कुमार को भी उनके बेहतर योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

समारोह में मौजूद अधिकारियों ने कहा कि प्रशिक्षित जवान किसी भी पुलिस संगठन की सबसे महत्वपूर्ण ताकत होते हैं। बेहतर प्रशिक्षण से जवानों में न केवल शारीरिक क्षमता विकसित होती है बल्कि कानून व्यवस्था बनाए रखने, जनता से संवाद करने और कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता भी मजबूत होती है।

समस्तीपुर बुनियादी प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित यह पारण परेड समारोह प्रशिक्षु जवानों के लिए यादगार अवसर रहा। एक वर्ष के कठिन प्रशिक्षण के बाद अब ये सभी जवान बिहार पुलिस की जिम्मेदारियों को निभाने के लिए तैयार हैं। समारोह का समापन जवानों के उज्ज्वल भविष्य की कामना और सेवा भावना के संकल्प के साथ हुआ।

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समस्तीपुर में आयोजित प्रशिक्षु सिपाहियों के पारण परेड समारोह ने यह संदेश दिया कि पुलिस सेवा केवल नौकरी नहीं बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी और विश्वास का प्रतीक है। एक वर्ष तक कठिन प्रशिक्षण लेने के बाद 266 जवान अब पुलिस बल का हिस्सा बनने जा रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन, ड्रिल, शारीरिक दक्षता और व्यवहारिक पुलिसिंग पर विशेष ध्यान दिया गया, जिससे जवान हर परिस्थिति में बेहतर निर्णय लेने में सक्षम बन सकें।

वरिष्ठ अधिकारियों ने जवानों को जनता के साथ बेहतर संबंध बनाने और संवेदनशील पुलिसिंग अपनाने की सलाह दी। आज के समय में पुलिस की भूमिका केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि आम लोगों की समस्याओं का समाधान करना और कानून व्यवस्था में विश्वास बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

पारण परेड जैसे आयोजन जवानों के मनोबल को बढ़ाते हैं और उन्हें अपने कर्तव्यों के प्रति और अधिक प्रतिबद्ध बनाते हैं। समस्तीपुर प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित यह कार्यक्रम नए पुलिसकर्मियों के लिए सेवा जीवन की महत्वपूर्ण शुरुआत साबित हुआ।

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