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समस्तीपुर में वीबी-जी राम जी योजना को लेकर प्रशिक्षण शुरू, डीएम रोशन कुशवाहा ने बताए योजना के उद्देश्य

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समस्तीपुर में वीबी-जी राम जी योजना के सफल क्रियान्वयन को लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। डीएम रोशन कुशवाहा ने योजना के उद्देश्य और क्रियान्वयन की जानकारी दी।

समस्तीपुर/आलम की खबर:ग्रामीण विकास को नई दिशा देने और पंचायत स्तर पर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से समस्तीपुर में वीबी-जी राम जी योजना को लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के अधिकारियों, कर्मियों और पंचायत स्तर से जुड़े प्रतिनिधियों को योजना की पूरी जानकारी दी गई, ताकि इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके।

समस्तीपुर में आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने कहा कि वीबी-जी राम जी योजना पूरे देश में 1 जुलाई 2026 से लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य केवल विकास कार्यों को आगे बढ़ाना नहीं है, बल्कि गांवों को आत्मनिर्भर, पर्यावरण के अनुकूल और रोजगार से जुड़े मजबूत केंद्र के रूप में विकसित करना भी है।

जिलाधिकारी ने कहा कि आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक ग्राम पंचायतों को ऐसा विकसित स्वरूप देने का लक्ष्य रखा गया है, जहां पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ें। उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से अकुशल श्रमिकों को कौशल विकास से जोड़कर उन्हें बेहतर आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि बदलते समय में जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण बड़ी चुनौतियां बन चुकी हैं। इसलिए इस योजना में ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे गांवों में विकास के साथ पर्यावरण संतुलन भी बना रहे। योजना के तहत गरीबी उन्मूलन, महिला सशक्तिकरण, युवाओं को अवसर उपलब्ध कराने और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं।

गांवों के समग्र विकास पर रहेगा जोर

वीबी-जी राम जी योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को मजबूत बनाना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बताया कि योजना के माध्यम से पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को अधिक प्रभावी और पारदर्शी तरीके से लागू किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि योजना की सफलता के लिए सभी संबंधित विभागों और पंचायत प्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि उन्हीं के माध्यम से योजना का वास्तविक लाभ आम लोगों तक पहुंचेगा।

उन्होंने अधिकारियों और कर्मियों से अपील की कि वे योजना को केवल सरकारी कार्यक्रम के रूप में नहीं बल्कि ग्रामीण विकास के बड़े अवसर के रूप में देखें। उन्होंने कहा कि सही तरीके से क्रियान्वयन होने पर यह योजना गांवों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

पारदर्शिता के साथ होगा योजना का क्रियान्वयन

प्रशिक्षण कार्यक्रम में मौजूद उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह ने योजना के क्रियान्वयन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि योजना में पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है और सभी प्रक्रियाओं को निर्धारित नियमों के अनुसार पूरा किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि कार्यों के माप से संबंधित प्रक्रिया को समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा। इसके बाद लाभार्थियों और संबंधित लोगों को भुगतान की प्रक्रिया भी तेजी से पूरी करने की व्यवस्था की गई है।

उप विकास आयुक्त ने कहा कि योजना में तकनीक और पारदर्शी व्यवस्था का उपयोग करते हुए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी स्तर पर अनियमितता की गुंजाइश न रहे। उन्होंने कहा कि समय पर कार्य पूरा करना और भुगतान प्रक्रिया को सरल बनाना प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

30 जून तक पूरा होगा प्रशिक्षण

समस्तीपुर जिले में योजना को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि 30 जून तक जिले के सभी मनरेगा कर्मियों और पंचायत राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों का प्रखंड स्तर पर प्रशिक्षण पूरा करा लिया जाएगा।

प्रशिक्षण पूरा होने के बाद पंचायत स्तर पर योजना के कार्यों को बेहतर तरीके से शुरू किया जा सकेगा। प्रशासन की कोशिश है कि योजना लागू होने के साथ ही इसकी प्रक्रिया व्यवस्थित रूप से आगे बढ़े और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को इसका लाभ जल्द मिल सके।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिकारियों ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मियों को योजना के हर पहलू की जानकारी देना जरूरी है, ताकि किसी भी स्तर पर भ्रम की स्थिति न बने और कार्यों का संचालन बेहतर तरीके से हो सके।

तीन जिलों के अधिकारी और कर्मी हुए शामिल

समस्तीपुर में आयोजित इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में केवल समस्तीपुर ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों के अधिकारी और कर्मी भी शामिल हुए। कार्यक्रम में समस्तीपुर, बेगूसराय और खगड़िया जिले के कार्यपालक अभियंता, कार्यक्रम पदाधिकारी, जिला वित्त प्रबंधक, लेखा सहायक, जिला अंकेक्षण प्रबंधक, अंकेक्षण सहायक सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

इसके अलावा खगड़िया जिले के युवा पेशेवरों ने भी प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम में सरायरंजन, उजियारपुर, खानपुर और मोरवा प्रखंड के कार्यक्रम पदाधिकारी मास्टर ट्रेनर के रूप में उपस्थित रहे।

मास्टर ट्रेनरों ने योजना से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी और बताया कि पंचायत स्तर पर कार्यों को किस प्रकार व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जाना है।

रोजगार और पर्यावरण संरक्षण को मिलेगी मजबूती

अधिकारियों ने कहा कि वीबी-जी राम जी योजना का एक प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाना है। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी ध्यान दिया जाएगा।

योजना में महिलाओं, युवाओं और किसानों को प्राथमिकता देते हुए ऐसे कार्यों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे गांवों में आर्थिक गतिविधियां मजबूत हों। प्रशासन का मानना है कि जब पंचायत स्तर पर विकास और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

समस्तीपुर जिला प्रशासन की ओर से कहा गया कि योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी स्तरों पर तैयारी पूरी की जा रही है। प्रशिक्षण कार्यक्रम इसी तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है, ताकि योजना लागू होने के बाद किसी तरह की परेशानी नहीं आए।

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ग्रामीण विकास किसी भी राज्य की प्रगति का महत्वपूर्ण आधार होता है। गांवों में रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए योजनाओं का सही क्रियान्वयन बेहद जरूरी है।

वीबी-जी राम जी योजना जैसे कार्यक्रम तभी सफल होंगे, जब प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधि और आम लोग मिलकर इसमें भागीदारी निभाएंगे। केवल योजना बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती होती है।

समस्तीपुर में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम इस दिशा में एक सकारात्मक कदम है। बेहतर प्रशिक्षण और पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से योजना को प्रभावी बनाया जा सकता है।

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