:
Breaking News

मुंगेर में CM सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान, 30 दिन में जनता के काम नहीं हुए तो अधिकारियों पर कार्रवाई

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

मुंगेर के टेटिया बंबर में पंचायत विकास दिवस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को चेतावनी दी। 30 दिन में जनता के काम पूरे नहीं होने पर कार्रवाई की बात कही।

मुंगेर/आलम की खबर:मुंगेर जिले के टेटिया बंबर प्रखंड में आयोजित पंचायत विकास दिवस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनता के काम में किसी भी तरह की लापरवाही अब स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आम लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान करना है और इसमें देरी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

जगन्नाथ उच्च विद्यालय मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्यव्यापी पंचायत विकास दिवस और जनसहयोग शिविर अभियान की शुरुआत की। इस मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि जनता को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ समय पर मिलना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि अगर किसी व्यक्ति का काम निर्धारित समय सीमा में पूरा नहीं होता है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी।

उन्होंने कहा कि सरकार ने व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए निगरानी की मजबूत प्रणाली तैयार की है। अधिकारियों के कामकाज पर उच्च स्तर से नजर रखी जा रही है और लापरवाही मिलने पर कार्रवाई तय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत विकास दिवस का उद्देश्य गांवों की समस्याओं को स्थानीय स्तर पर पहचान कर उनका समाधान करना है। सरकार चाहती है कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए बार-बार प्रखंड और जिला कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़े।

उन्होंने बताया कि राज्य की सभी पंचायतों में प्रत्येक महीने के अंतिम रविवार को पंचायत विकास दिवस मनाया जाएगा। इस दिन जनप्रतिनिधि, अधिकारी और ग्रामीण एक साथ बैठकर क्षेत्र की समस्याओं पर चर्चा करेंगे और उनके समाधान की दिशा में काम करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायतें बिहार के विकास की सबसे महत्वपूर्ण इकाई हैं। गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, बिजली, पानी और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने में पंचायतों की भूमिका सबसे अहम है।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य गांवों को आत्मनिर्भर और मजबूत बनाना है। इसके लिए पंचायतों को अधिक संसाधन और अधिकार दिए जा रहे हैं ताकि स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को गति मिल सके।

पंचायतों के बजट में बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पंचायतों को मिलने वाली आर्थिक मजबूती का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 17वें वित्त आयोग के तहत पंचायतों के बजट में बड़ी बढ़ोतरी की गई है।

उन्होंने बताया कि पंचायतों के लिए उपलब्ध राशि को 20 हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 52 हजार करोड़ रुपये तक किया गया है। इससे पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से मजबूत पंचायतें ही बेहतर तरीके से ग्रामीण विकास की योजनाओं को लागू कर सकती हैं।

रोजगार और विकास योजनाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार में विकास की गति को और तेज किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आधारभूत सुविधाओं और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में गांवों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। बिहार के गांवों को मजबूत किए बिना राज्य के समग्र विकास की कल्पना नहीं की जा सकती।

सोलर ऊर्जा से गरीब परिवारों को लाभ

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बिजली क्षेत्र की नई योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार नई पहल कर रही है।

उन्होंने बताया कि जिन गरीब परिवारों के घरों में सोलर पैनल से अतिरिक्त बिजली उत्पादन होगा, उन्हें इसका आर्थिक लाभ सीधे उनके खाते में उपलब्ध कराने की योजना बनाई जा रही है।

इस पहल से गरीब परिवारों को आर्थिक सहायता मिलने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा।

महिला सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण को लेकर भी सरकार की योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जीविका समूह से जुड़ी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए पशुपालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके तहत जीविका दीदियों को सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय भाषा में जनता का अभिवादन किया, जिसे लोगों ने काफी पसंद किया। उनके संबोधन के दौरान पूरा मैदान तालियों से गूंज उठा।

कार्यक्रम में मुख्य सचिव, डीजीपी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।

पंचायत विकास दिवस अभियान को सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन और जनता के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की पहल के रूप में देख रही है। इसका उद्देश्य गांव स्तर पर समस्याओं की पहचान कर उनका जल्द समाधान करना है।

मुख्यमंत्री के सख्त संदेश के बाद अब अधिकारियों पर जिम्मेदारी और बढ़ गई है कि वे जनता से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाएं।

यह भी पढ़ें:

alamkikhabar.com पर पढ़ें बिहार राजनीति से जुड़ी खबरें

पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन और जनता के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का अधिकारियों को दिया गया संदेश यह दिखाता है कि सरकार योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी और जवाबदेही चाहती है।

अगर पंचायत स्तर पर समस्याओं का समाधान समय पर होने लगे तो ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति काफी बढ़ सकती है। मजबूत पंचायत व्यवस्था ही बेहतर शासन की नींव बन सकती है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *