:
Breaking News

दिल्ली ब्लास्ट केस में बड़ा खुलासा: धमाके में इस्तेमाल i-20 कार पुलवामा के तारिक के नाम पर थी, जांच हरियाणा तक पहुँची

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

दिल्ली: राजधानी दिल्ली में सोमवार, 10 नवंबर को हुए ब्लास्ट केस में जांच एजेंसियों को एक बड़ा सुराग मिला है। धमाके में जो Hyundai i-20 कार इस्तेमाल की गई थी, वह जम्मू-कश्मीर के पुलवामा निवासी तारिक नाम के व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत थी। इस खुलासे के बाद जांच का दायरा अब जम्मू-कश्मीर से लेकर हरियाणा तक फैल गया है।
सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान कार की चाबी पर फरीदाबाद की एक ऑटो कंपनी का नाम लिखा मिला, जिससे पुलिस को यह संदेह हुआ कि वाहन किसी सेकंड हैंड डील के जरिए खरीदी-बेची गई थी। यह कंपनी फरीदाबाद के सेक्टर-37 क्षेत्र में स्थित है, जो दिल्ली की सीमा से महज कुछ किलोमीटर दूर है। बताया जा रहा है कि यह कंपनी पुराने वाहनों की खरीद-बिक्री का काम करती है। जांच एजेंसियां अब इस डील से जुड़े दस्तावेज़ों को खंगाल रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर किस चैन के ज़रिए यह कार पुलवामा के तारिक तक पहुँची।

जांच का दायरा बढ़ा, हरियाणा में छापेमारी की तैयारी

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) इस मामले की गहन जांच में जुटी है। दोनों एजेंसियां अब हरियाणा में भी छापेमारी की तैयारी में हैं। फरीदाबाद की जिस कंपनी से कार का लिंक मिला है, वहाँ के मालिक और कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कार के दस्तावेज़ों में कई बार मालिक बदले गए हैं। एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि अंतिम ट्रांसफर के दौरान भुगतान कैश में हुआ था या किसी डिजिटल माध्यम से।

दिल्ली में हाई अलर्ट, कई इलाकों में सर्च ऑपरेशन

ब्लास्ट की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, स्पेशल सेल और एनएसजी की टीमें अलर्ट मोड में आ गईं। रात भर पहाड़गंज, दरियागंज, कनॉट प्लेस और आस-पास के इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस ने सभी छोटे-बड़े होटल, लॉज और गेस्ट हाउस में जाकर रजिस्टर चेक किए ताकि यह पता लगाया जा सके कि पिछले 48 घंटों में किन लोगों ने कमरे बुक किए थे।इसके अलावा कई जगहों से CCTV फुटेज भी जुटाए गए हैं। पुलिस को अब तक चार संदिग्धों के बारे में सुराग मिले हैं जिन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है। हालांकि, अभी तक किसी गिरफ्तारी या पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

UAPA के तहत केस दर्ज, कई राज्यों में फैल सकती है जांच

दिल्ली पुलिस ने इस पूरे मामले में UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) के तहत मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसियां कार की सर्विस हिस्ट्री, ओनरशिप रिकॉर्ड और धमाके में इस्तेमाल विस्फोटक पदार्थ के स्रोत तक पहुँचने की कोशिश कर रही हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि तारिक और उसका साथी उमर कब दिल्ली पहुंचे थे और धमाके के दिन उनकी मोबाइल लोकेशन कहाँ-कहाँ दर्ज हुई थी।सूत्रों के अनुसार, कुछ तकनीकी साक्ष्य यह संकेत दे रहे हैं कि इस धमाके की साजिश सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसके तार जम्मू-कश्मीर और हरियाणा के कुछ हिस्सों से भी जुड़े हो सकते हैं।

एजेंसियों में समन्वय, केंद्रीय इंटेलिजेंस भी सक्रिय

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल, और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां मिलकर इस केस पर काम कर रही हैं। जांच का फोकस फिलहाल कार की डील, उसमें इस्तेमाल हुए विस्फोटक और संदिग्धों की गतिविधियों पर है।
सुरक्षा एजेंसियों ने दिल्ली के सभी प्रमुख बाजारों, रेलवे स्टेशनों और मेट्रो नेटवर्क पर सुरक्षा बढ़ा दी है। आईजी (स्पेशल सेल) के अनुसार, “हर एंगल से जांच जारी है, और किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले तकनीकी और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतज़ार किया जा रहा है।”

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *