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Bankipur Bypoll 2026: बांकीपुर उपचुनाव पर कांग्रेस नेता ऋषि मिश्रा का बड़ा बयान, बोले- विपक्ष एकजुट हो तो बीजेपी को हराया जा सकता है

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Alam Ki Khabar: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले कांग्रेस नेता ऋषि मिश्रा ने बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, राजद और महागठबंधन के अन्य दल यदि प्रशांत किशोर का समर्थन करें तो बीजेपी को कड़ी चुनौती दी जा सकती है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

पटना/आलम की खबर:बिहार की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में शामिल बांकीपुर में होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी लगातार बढ़ती जा रही है। भारतीय जनता पार्टी, जन सुराज, कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) समेत सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी रणनीति तैयार करने में जुटे हैं। इसी बीच कांग्रेस नेता ऋषि मिश्रा के एक बयान ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने कहा है कि यदि कांग्रेस, राजद और महागठबंधन के सभी सहयोगी दल एकजुट होकर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर का समर्थन करें, तो भाजपा को उसकी सबसे मजबूत सीटों में से एक बांकीपुर में भी हराया जा सकता है।

ऋषि मिश्रा ने कहा कि पिछले लगभग तीन दशकों से बांकीपुर विधानसभा सीट भाजपा का मजबूत गढ़ रही है। इसके बावजूद वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियां पहले जैसी नहीं हैं। उनका कहना है कि यदि विपक्षी दल अलग-अलग चुनाव लड़ने के बजाय साझा उम्मीदवार के पक्ष में एकजुट हो जाएं तो मुकाबला पूरी तरह बदल सकता है। उन्होंने विपक्षी दलों से मतभेद भुलाकर साझा रणनीति बनाने की अपील भी की।

बांकीपुर विधानसभा सीट भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद रिक्त हुई है। इसी कारण यहां उपचुनाव कराया जा रहा है। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। इस उपचुनाव को केवल एक सीट का चुनाव नहीं बल्कि बिहार की आगामी राजनीतिक दिशा तय करने वाले महत्वपूर्ण मुकाबले के रूप में देखा जा रहा है।

दूसरी ओर जन सुराज पहले ही ऐलान कर चुका है कि वह इस सीट पर पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ेगा। पार्टी की ओर से लगातार संकेत दिए जा रहे हैं कि संस्थापक प्रशांत किशोर स्वयं बांकीपुर से चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। उनकी उम्मीदवारी को लेकर आधिकारिक घोषणा का राजनीतिक हलकों में लंबे समय से इंतजार किया जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि विपक्षी वोट अलग-अलग दलों में बंटते हैं तो इसका सीधा लाभ भाजपा को मिल सकता है। वहीं यदि विपक्ष साझा रणनीति बनाता है तो मुकाबला काफी दिलचस्प हो सकता है। हालांकि अभी तक कांग्रेस, राजद या महागठबंधन के अन्य दलों की ओर से प्रशांत किशोर के समर्थन को लेकर कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है।

बांकीपुर विधानसभा सीट का राजनीतिक इतिहास भी काफी महत्वपूर्ण रहा है। लंबे समय से यह सीट भाजपा के प्रभाव वाले क्षेत्रों में गिनी जाती रही है। ऐसे में इस बार होने वाला उपचुनाव केवल एक विधायक चुनने तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे बिहार की बदलती राजनीतिक तस्वीर का संकेतक भी माना जा रहा है।

कांग्रेस नेता ऋषि मिश्रा का बयान ऐसे समय में आया है जब सभी दल अपने उम्मीदवारों और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। यदि आने वाले दिनों में विपक्षी दलों के बीच किसी तरह की सहमति बनती है तो चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं। दूसरी ओर यदि सभी दल अलग-अलग मैदान में उतरते हैं तो मुकाबला बहुकोणीय होने की संभावना है।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बांकीपुर उपचुनाव का परिणाम केवल पटना तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका प्रभाव बिहार की आगामी चुनावी रणनीतियों और विपक्षी एकजुटता पर भी पड़ सकता है। इसलिए इस सीट पर पूरे राज्य की नजर बनी हुई है।

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राजनीतिक विश्लेषण

कांग्रेस नेता ऋषि मिश्रा का यह बयान उनका राजनीतिक मत है। फिलहाल कांग्रेस, राजद और महागठबंधन की ओर से प्रशांत किशोर के समर्थन को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। चुनावी तस्वीर उम्मीदवारों की घोषणा और दलों की अंतिम रणनीति के बाद ही स्पष्ट होगी।

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