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Patna AIIMS Expansion: पटना एम्स को मिलेगी 24 एकड़ अतिरिक्त जमीन, 200 नए बेड और फोरलेन सड़क का बड़ा तोहफा

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Alam Ki Khabar | बिहार सरकार ने पटना AIIMS के विस्तार के लिए 24 एकड़ अतिरिक्त जमीन देने की घोषणा की है। 200 नए बेड, एम्स-नाथूपुर फोरलेन सड़क और तालाब सौंदर्यीकरण से स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

पटना/आलम की खबर:बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। पटना स्थित AIIMS के विस्तार के लिए 24 एकड़ अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराने की घोषणा की गई है। इस फैसले के बाद अस्पताल में करीब 200 नए बेड जोड़ने का रास्ता साफ होगा। साथ ही एम्स से नाथूपुर तक फोरलेन सड़क निर्माण और परिसर के समीप स्थित तालाब के सौंदर्यीकरण की भी योजना बनाई गई है। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलने के साथ अस्पताल तक पहुंच भी पहले से कहीं अधिक आसान होगी।

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जानकारी देते हुए कहा कि बिहार सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत कर रही है। इसी कड़ी में पटना AIIMS के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि नई जमीन मिलने के बाद अस्पताल परिसर में नए भवनों का निर्माण, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार और मरीजों के लिए अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि बढ़ती आबादी और लगातार बढ़ रहे मरीजों के दबाव के बीच लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

पटना AIIMS आज पूर्वी भारत के सबसे महत्वपूर्ण सरकारी चिकित्सा संस्थानों में गिना जाता है। यहां बिहार ही नहीं बल्कि झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के सीमावर्ती इलाकों से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण अस्पताल पर काफी दबाव रहता है। कई विभागों में बेड की कमी और लंबा इंतजार मरीजों के लिए परेशानी का कारण बनता है। ऐसे में 200 नए बेड जुड़ने से भर्ती मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

सरकार ने केवल अस्पताल के विस्तार तक ही योजना को सीमित नहीं रखा है। मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एम्स से नाथूपुर तक चार लेन सड़क निर्माण की भी घोषणा की गई है। यह सड़क बनने के बाद अस्पताल तक पहुंचने में लगने वाला समय कम होगा। सबसे बड़ा फायदा आपातकालीन सेवाओं को मिलेगा, क्योंकि एंबुलेंस बिना ट्रैफिक बाधा के तेजी से अस्पताल पहुंच सकेगी। आसपास के गांवों और शहरी इलाकों के लोगों को भी बेहतर सड़क संपर्क का लाभ मिलेगा।

AIIMS परिसर के आसपास स्थित तालाब का सौंदर्यीकरण भी इस परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। सरकार की योजना तालाब को विकसित कर अस्पताल परिसर को अधिक स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की है। हरियाली बढ़ने से मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर वातावरण मिलेगा तथा परिसर का समग्र स्वरूप भी आकर्षक बनेगा।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अतिरिक्त जमीन मिलने के बाद भविष्य में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का विस्तार, नए विभागों की स्थापना, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता और रिसर्च गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे कई गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों की दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम हो सकती है। चिकित्सा शिक्षा और शोध के क्षेत्र में भी AIIMS पटना को नई पहचान मिलने की संभावना है।

राज्य सरकार का कहना है कि बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं को राष्ट्रीय स्तर के अनुरूप विकसित करना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से अस्पतालों का विस्तार, मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाने, आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर लगातार काम किया जा रहा है। पटना AIIMS विस्तार योजना भी इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निर्धारित समय सीमा में परियोजनाओं को पूरा कर लिया गया तो राजधानी पटना सहित पूरे बिहार के लाखों मरीजों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क, अतिरिक्त बेड, आधुनिक सुविधाएं और विकसित परिसर आने वाले वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को नई ऊंचाई दे सकते हैं।

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बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देने वाला कदम

पटना AIIMS का विस्तार केवल एक निर्माण परियोजना नहीं बल्कि बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था में दीर्घकालिक निवेश माना जा रहा है। वर्षों से मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण अस्पतालों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए अतिरिक्त जमीन और नए बेड की जरूरत महसूस की जा रही थी। यदि सरकार तय समय पर सभी परियोजनाओं को पूरा कर लेती है तो न केवल राजधानी बल्कि पूरे बिहार के लोगों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सेवाएं अपने राज्य में ही उपलब्ध हो सकेंगी। यह पहल भविष्य में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है।

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