:
Breaking News

Patna Water Revolution: 2029 तक गंगा का शुद्ध पानी पहुंचेगा हर घर, भू-जल पर निर्भरता होगी खत्म

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Alam Ki Khabar | पटना में अमृत 2.0 योजना के तहत 2029 तक गंगा का शुद्ध पेयजल हर घर तक पहुंचाने की तैयारी तेज हो गई है। 75 वार्डों में नई पाइपलाइन, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और आधुनिक जलापूर्ति व्यवस्था विकसित की जाएगी।

पटना/आलम की खबर:बिहार की राजधानी पटना में आने वाले वर्षों में पेयजल व्यवस्था पूरी तरह बदलने वाली है। लगातार बढ़ती आबादी, तेजी से गिरते भू-जल स्तर और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए राज्य सरकार ने राजधानी के लिए एक महत्वाकांक्षी जलापूर्ति परियोजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। इस योजना के तहत वर्ष 2029 तक शहर के लोगों को बोरिंग और भू-जल पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इसके बजाय गंगा नदी से लिया गया शुद्ध और अत्याधुनिक तकनीक से ट्रीट किया गया पानी पाइपलाइन के माध्यम से सीधे घरों तक पहुंचाया जाएगा। सरकार का दावा है कि यह परियोजना आने वाले कई दशकों तक राजधानी की जल जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होगी।

यह महत्वाकांक्षी परियोजना केंद्र सरकार की अमृत 2.0 योजना के तहत लागू की जा रही है। परियोजना का विस्तृत सर्वे बिहार अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (बुडको) द्वारा पूरा कर लिया गया है। योजना केवल मौजूदा आबादी को ध्यान में रखकर नहीं बनाई गई है, बल्कि वर्ष 2059 तक पटना की संभावित आबादी और पानी की आवश्यकता का वैज्ञानिक आकलन कर पूरा ब्लूप्रिंट तैयार किया गया है।

सरकारी अनुमान के अनुसार वर्तमान वर्षों में तेजी से बढ़ती शहरी आबादी को देखते हुए वर्ष 2059 तक पटना की आबादी लगभग 33 लाख से अधिक हो जाएगी। इसी को ध्यान में रखते हुए ऐसी जलापूर्ति प्रणाली विकसित की जा रही है जो अगले 35 वर्षों तक बिना किसी बड़ी परेशानी के लोगों को पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करा सके।

योजना के तहत पटना नगर निगम के सभी 75 वार्डों में नई जलापूर्ति पाइपलाइन बिछाई जाएगी। गंगा से पानी लेकर उसे अत्याधुनिक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में शुद्ध किया जाएगा और उसके बाद पूरे शहर के घरों तक पहुंचाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक को प्रतिदिन लगभग 155.25 लीटर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है।

आधिकारिक अनुमान के मुताबिक वर्ष 2029 तक पटना की आबादी लगभग 23.81 लाख होगी, जिसके लिए प्रतिदिन लगभग 406.259 मिलियन लीटर पानी की आवश्यकता होगी। वर्ष 2044 तक आबादी बढ़कर करीब 28.08 लाख होने का अनुमान है, तब पानी की मांग लगभग 477.899 मिलियन लीटर प्रतिदिन पहुंच जाएगी। वहीं वर्ष 2059 तक लगभग 33.10 लाख लोगों के लिए प्रतिदिन 561.830 मिलियन लीटर पानी उपलब्ध कराने की क्षमता वाला सिस्टम विकसित किया जाएगा।

इस मेगा परियोजना के तहत एक अत्याधुनिक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, दो बड़े इंटेक वेल, फ्लोटिंग जेटी और कई नए जलाशयों का निर्माण किया जाएगा। परियोजना के लिए कुल 57 भूखंडों की आवश्यकता बताई गई है। इनमें से 44 सरकारी जमीनों की पहचान पहले ही की जा चुकी है। बांकीपुर और पटना सिटी क्षेत्र में आवश्यक जमीन पूरी तरह चिह्नित कर ली गई है। कंकड़बाग क्षेत्र में अधिकांश स्थान उपलब्ध हैं, जबकि पाटलिपुत्र क्षेत्र में भी कई भूखंडों की पहचान हो चुकी है। हालांकि अजीमाबाद और नूतन राजधानी क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अभी जारी है।

गंगा से पानी लेने के लिए दीघा और गायघाट में आधुनिक इंटेक वेल बनाए जाएंगे। दोनों स्थानों पर लगभग 281 एमएलडी क्षमता वाले इंटेक वेल स्थापित होंगे। यहां से पानी मुख्य ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाया जाएगा, जहां आधुनिक तकनीक से शुद्धिकरण के बाद पूरे शहर में सप्लाई की जाएगी। इसके साथ फ्लोटिंग जेटी का निर्माण भी किया जाएगा ताकि जलापूर्ति व्यवस्था निर्बाध रूप से संचालित हो सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद राजधानी में भू-जल दोहन में उल्लेखनीय कमी आएगी। इससे गिरते जलस्तर को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी और लोगों को बेहतर गुणवत्ता वाला पेयजल उपलब्ध होगा। साथ ही भविष्य में तेजी से बढ़ती आबादी के बावजूद पानी की कमी जैसी समस्या से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।

सरकार का कहना है कि यह केवल जलापूर्ति परियोजना नहीं बल्कि राजधानी के भविष्य को सुरक्षित करने की दीर्घकालिक योजना है। आधुनिक जलापूर्ति तंत्र, वैज्ञानिक योजना और मजबूत आधारभूत संरचना के जरिए पटना को आने वाले दशकों के लिए तैयार किया जा रहा है। यदि परियोजना तय समय पर पूरी होती है तो राजधानी के लाखों लोगों को स्वच्छ, सुरक्षित और नियमित पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी।

यह भी पढ़ें: • Alam Ki Khabar पर पटना की बड़ी खबरें

• Alam Ki Khabar पर बिहार की विकास परियोजनाएं

• Alam Ki Khabar पर सरकारी योजनाओं की ताजा अपडेट

पटना के भविष्य की प्यास बुझाने की तैयारी

गंगा आधारित यह जलापूर्ति परियोजना राजधानी के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। बढ़ती आबादी और गिरते भू-जल स्तर के बीच यह योजना आने वाले वर्षों में लाखों लोगों को राहत देगी। यदि निर्माण कार्य समय पर पूरा हुआ तो पटना देश के उन शहरों में शामिल होगा जहां दीर्घकालिक योजना के आधार पर आधुनिक पेयजल व्यवस्था विकसित की गई है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *