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Bihar News: महुआ SDPO संजीव कुमार पर गाज, DIG ने अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा कर रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय भेजी

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Alam Ki Khabar: वैशाली के महुआ SDPO संजीव कुमार के खिलाफ गंभीर लापरवाही के आरोपों पर DIG तिरहुत ने अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए रिपोर्ट बिहार पुलिस मुख्यालय भेज दी है।

वैशाली, 8 जुलाई। आलम की खबर: वैशाली जिले के महुआ अनुमंडल के एसडीपीओ संजीव कुमार के खिलाफ गंभीर प्रशासनिक लापरवाही और कार्यशैली को लेकर बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। तिरहुत क्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) चंदन कुशवाहा ने वैशाली पुलिस अधीक्षक की जांच रिपोर्ट से सहमति जताते हुए बिहार पुलिस मुख्यालय को अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा भेज दी है। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि महुआ अनुमंडल में सक्रिय शराब माफिया के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, हजारों आपराधिक मामलों का समय पर निष्पादन नहीं हुआ और कई महत्वपूर्ण मामलों की जांच में गंभीर शिथिलता बरती गई। जांच के अनुसार शराब माफिया प्रभात सिंह के विरुद्ध अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से अवैध शराब कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो सका। साथ ही मद्यनिषेध अधिनियम से जुड़े मामलों और वर्ष 2012 से 2018 के बीच दर्ज चार नक्सल मामलों के अनुसंधान में भी गंभीर लापरवाही पाई गई। समीक्षा में यह भी सामने आया कि फरवरी 2026 के अंत तक करीब 2146 मामले लंबित थे। पिछले सात महीनों में सौंपे गए पांच महत्वपूर्ण मामलों में एक दिन भी केस डायरी दर्ज नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया है। रिपोर्ट में वारंट, इश्तेहार और कुर्की-जब्ती से जुड़े अभिलेखों की स्थिति को भी बेहद खराब बताया गया है। आरोप है कि संबंधित थानों की नियमित समीक्षा नहीं की गई और सुधार के लिए आवश्यक निर्देश भी जारी नहीं हुए। प्रशासनिक कार्यों में भी कई अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में पूरे अनुमंडल में केवल तीन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। जुलाई 2025 से जनवरी 2026 के बीच कोई विभागीय जांच पूरी नहीं की गई तथा पुलिस अधीक्षक द्वारा बुलाई गई कई बैठकों और सामूहिक अभियानों में भी अनुपस्थिति दर्ज की गई। डीआईजी कार्यालय की ओर से 13 बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन जांच रिपोर्ट के अनुसार संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा बिहार पुलिस मुख्यालय को भेज दी गई है। अब अंतिम निर्णय पुलिस मुख्यालय स्तर पर लिया जाएगा।

जवाबदेही से ही मजबूत होगी पुलिस व्यवस्था

पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही और समयबद्ध कार्रवाई जनता का विश्वास मजबूत करती है। यदि किसी अधिकारी पर गंभीर आरोप लगते हैं तो निष्पक्ष जांच और तथ्यों के आधार पर निर्णय होना आवश्यक है। इससे प्रशासनिक पारदर्शिता भी बढ़ती है और कानून व्यवस्था पर जनता का भरोसा कायम रहता है।

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