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Bihar Prison Officials Suspended: बिहार कारा विभाग की बड़ी कार्रवाई, दरभंगा जेल के सहायक अधीक्षक समेत कई कर्मी निलंबित

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Alam Ki Khabar | Bihar Prison Officials Suspended: बिहार कारा विभाग ने दरभंगा, बेउर और सासाराम जेल से जुड़े कई अधिकारियों और कर्मियों को गंभीर आरोपों के बाद निलंबित कर दिया है। विभाग ने भ्रष्टाचार और लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया है।

पटना, 13 जुलाई। आलम की खबर:बिहार के कारा विभाग ने जेल प्रशासन में अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कई अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ एक साथ बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने गंभीर आरोपों में घिरे दरभंगा मंडल कारा के सहायक अधीक्षक नन्दू चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही बेउर केंद्रीय आदर्श जेल और सासाराम मंडल कारा में तैनात कई जेलकर्मियों पर भी अनियमितता, कर्तव्य में लापरवाही और नियमों के उल्लंघन के आरोप में कार्रवाई की गई है। विभाग का कहना है कि जेल प्रशासन में किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्ट आचरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

दरभंगा मंडल कारा के सहायक अधीक्षक नन्दू चौधरी का नाम हाल ही में समस्तीपुर जिले के चर्चित दहेज मृत्यु मामले में सामने आया था। विद्यापतिनगर थाना क्षेत्र के शेरपुर गांव स्थित आवास से उनकी पत्नी श्वेता कुमारी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला था। मृतका के परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए दहेज के लिए हत्या का आरोप लगाया है। शिकायत में कहा गया है कि विवाह के बाद से लगातार नकद राशि और लग्जरी वाहन की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जाता था। इस मामले में विद्यापतिनगर थाना में दहेज हत्या सहित संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज है और पुलिस जांच जारी है। इसी प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए कारा विभाग ने नन्दू चौधरी के विरुद्ध आरोप-पत्र जारी कर एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है।

इसी क्रम में विभाग ने कक्षपाल निर्मल कुमार पासवान और शिवशंकर कुमार को भी अलग-अलग प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप में निलंबित कर दिया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार इन मामलों में भी विस्तृत जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

दूसरी ओर, 20 जून को केंद्रीय आदर्श बेउर जेल में हुई विशेष जांच के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आई थीं। जांच में आरोप लगा कि कुछ बंदियों को नियमों के विपरीत अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही थीं। इसके अलावा भोजन व्यवस्था, मेस संचालन, गोदाम प्रबंधन तथा जेल अनुशासन से जुड़े कई मामलों में भी अनियमितताओं के संकेत मिले। जांच रिपोर्ट के आधार पर उच्च कक्षपाल उमेश कुमार सिन्हा सहित तीन कक्षपालों को निलंबित कर दिया गया है।

सासाराम मंडल कारा में भी एक कक्षपाल के खिलाफ विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। सोनू कुमार पर मुलाकातियों से अवैध वसूली, ड्यूटी के दौरान अनुशासनहीनता तथा बिना अनुमति जेल परिसर छोड़ने जैसे आरोप लगाए गए हैं। प्रारंभिक जांच में आरोप गंभीर पाए जाने के बाद उन्हें भी निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

कारा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि जेलों में सुरक्षा, पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी पर यदि गंभीर आरोप सामने आते हैं तो निष्पक्ष जांच के साथ आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ आगे और कठोर कदम उठाए जा सकते हैं।

जेल व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाने की कोशिश

बिहार की जेलों में लगातार हो रही निगरानी और कार्रवाई इस बात का संकेत है कि विभाग प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करना चाहता है। हालांकि, जिन मामलों में आपराधिक आरोप लगे हैं, उनमें अंतिम निर्णय न्यायिक और विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही होगा।

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