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दुबई एयर शो 2025: तेजस का दूसरा बड़ा हादसा, 24 साल के सफर में पहली बार पायलट की मौत; जानें पहली दुर्घटना कब हुई थी

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दुबई एयर शो 2025 में भारतीय वायुसेना का तेजस एमके-1 लड़ाकू विमान शनिवार को प्रदर्शन के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा इतना गंभीर था कि पायलट की मौके पर ही मौत हो गई। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा निर्मित यह स्वदेशी फाइटर जेट अपनी विश्वसनीयता के लिए जाना जाता रहा है, इसलिए इस दुर्घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

24 साल में दूसरी दुर्घटना

तेजस कार्यक्रम की उड़ान 2001 में शुरू हुई थी और दो दशक से अधिक समय तक किसी बड़ी दुर्घटना का रिकॉर्ड नहीं रहा।
इसका पहला हादसा 12 मार्च 2024 को राजस्थान के जैसलमेर के पास हुआ था। उस समय सेना के संयुक्त अभ्यास के दौरान विमान गिरा था, लेकिन पायलट सुरक्षित इजेक्ट कर गया था। शुरुआती जांच में इंजन की ऑयल-पंप खराबी को जिम्मेदार माना गया था।

दुबई में हादसे से पहले किया गया था ‘नेगेटिव-जी’ मनोवर

नवीनतम दुर्घटना के वीडियो के अनुसार, विमान ने क्रैश से कुछ क्षण पहले नेगेटिव-जी पैंतरा लिया था। यह उच्च-जोखिम युद्धाभ्यास होता है, जिसमें पायलट और मशीन दोनों पर असाधारण दबाव पड़ता है। नियंत्रण खोने के कारण तेजस जमीन पर गिर गया और मौके पर ही आग लग गई।

तेजस—भारत का हल्का लड़ाकू विमान, जिसे निर्यात के लिए भी बनाया गया

तेजस एक सिंगल-इंजन, डेल्टा-विंग हल्का लड़ाकू विमान है, जिसका उद्देश्य भारतीय वायुसेना के पुराने विमानों को बदलना और विदेशी मार्केट में भारत को प्रतिस्पर्धी बनाना है।
इसके विकास और सेवा के 20+ वर्षों में केवल दो दर्ज दुर्घटनाएँ होना इसके मजबूत सुरक्षा रिकॉर्ड की ओर इशारा करता है, लेकिन हालिया हादसे ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर विमान की विश्वसनीयता पर चर्चा तेज कर दी है।

कोर्ट ऑफ इंक्वायरी गठित—कई पहलुओं की जांच होगी

भारतीय वायुसेना ने दुबई हादसे की गहराई से जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी की घोषणा की है।
जांच दल इन बिंदुओं का अध्ययन करेगा—

उड़ान-डेटा रिकॉर्डर की जानकारी

नेगेटिव-जी टर्न के दौरान विमान का व्यवहार

इंजन प्रदर्शन और टेक्निकल लॉग

प्रदर्शन उड़ानों के मानव-घटक (ह्यूमन फैक्टर)

एयर शो प्रोटोकॉल और सुरक्षा नियम


इस जांच के निष्कर्ष प्रदर्शन उड़ानों के नियमों, पायलट प्रशिक्षण और तेजस बेड़े की भविष्य की परिचालन प्रक्रियाओं पर प्रभाव डाल सकते हैं।

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