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Samastipur News: जन संवाद में डीएम रोशन कुशवाहा ने सुनीं फरियादें, अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई का निर्देश

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Samastipur News | Patna News | Rosra News | समस्तीपुर में जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने साप्ताहिक जन संवाद में आम लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को पारदर्शी व समयबद्ध समाधान का निर्देश दिया।

समस्तीपुर, 7 अगस्त। आम लोगों की समस्याओं को सीधे सुनने और उनके समाधान की प्रक्रिया को तेज करने के उद्देश्य से समस्तीपुर समाहरणालय में शुक्रवार को साप्ताहिक जन संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने जिले के अलग-अलग प्रखंडों से पहुंचे लोगों से उनकी शिकायतें और समस्याएं सुनीं। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने प्रशासन के समक्ष अपने-अपने मामलों से संबंधित आवेदन सौंपे।

जन संवाद के दौरान सबसे अधिक मामले जमीन से जुड़े विवाद, दाखिल-खारिज, परिमार्जन और अतिक्रमण से संबंधित रहे। इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मामलों को लेकर भी लोगों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं।

जिलाधिकारी ने एक-एक कर प्राप्त आवेदनों की जानकारी ली और संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन शिकायतों को केवल आवेदन लेकर आगे भेज देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक मामले का नियमानुसार निष्पादन कर उसकी जानकारी संबंधित आवेदक तक पहुंचाना भी जरूरी है।

डीएम ने अधिकारियों से कहा कि आम नागरिक अपनी समस्या लेकर प्रशासन के पास बड़ी उम्मीद के साथ पहुंचते हैं। ऐसे में उनके आवेदन को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि मामलों की जांच करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्रवाई पूरी की जाए और अनावश्यक रूप से किसी शिकायत को लंबित नहीं रखा जाए।

जन संवाद के दौरान कुछ ऐसे मामले भी सामने आए, जिनका समाधान तत्काल स्तर पर संभव था। ऐसे मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई करने के लिए कहा गया। वहीं जिन शिकायतों के समाधान के लिए विभागीय जांच या अन्य आवश्यक प्रक्रिया की जरूरत थी, उन्हें संबंधित विभागों के पास भेजते हुए समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि शिकायतों के निष्पादन की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। किसी भी मामले में नियमों की अनदेखी नहीं की जाए और आवेदकों को यह जानकारी दी जाए कि उनके आवेदन पर क्या कार्रवाई की गई है।

उन्होंने कहा कि प्रशासन और आम जनता के बीच सीधा संवाद लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जन संवाद जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को अपनी समस्याएं सीधे जिला प्रशासन के सामने रखने का अवसर मिलता है। इससे जमीनी स्तर पर सामने आ रही समस्याओं की जानकारी भी प्रशासन को मिलती है और उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं।

डीएम ने अधिकारियों को जनहित से जुड़े मामलों में संवेदनशील रवैया अपनाने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक पदाधिकारियों की जवाबदेही केवल कार्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना भी उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी विभागों को शिकायतों के निष्पादन में तत्परता, पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने का निर्देश दिया।

जन संवाद में भूमि और राजस्व से जुड़े मामलों के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित शिकायतें भी सामने आईं। इससे यह स्पष्ट हुआ कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए अब भी जमीन, आवास, पेंशन, राशन और बुनियादी सुविधाएं प्रमुख प्रशासनिक समस्याओं में शामिल हैं।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं और सेवाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने में किसी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए। यदि किसी आवेदन में दस्तावेज या प्रक्रिया से संबंधित कमी है तो आवेदक को उसके बारे में स्पष्ट जानकारी दी जाए, ताकि वह आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर सके।

प्रशासन की ओर से कहा गया कि जन संवाद का मूल उद्देश्य लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सीधे प्रशासन तक पहुंच उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही शिकायतों की निगरानी और उनके निष्पादन की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना भी कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी और संबंधित कार्यालयों के अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनहित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए और किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब की स्थिति उत्पन्न नहीं होने दी जाए।

जनता की शिकायतों पर प्रशासन की जवाबदेही जरूरी

जन संवाद जैसे कार्यक्रम तभी प्रभावी माने जाएंगे, जब आवेदन लेने के बाद उनकी वास्तविक स्थिति की निगरानी भी हो। आम नागरिक के लिए किसी सरकारी कार्यालय तक पहुंचना ही कई बार चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में जब कोई व्यक्ति जिलाधिकारी के सामने अपनी समस्या रखता है तो उसके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह होती है कि उसकी शिकायत का आगे क्या हुआ।

समस्तीपुर में आयोजित जन संवाद से प्रशासन और जनता के बीच सीधे संपर्क की व्यवस्था मजबूत होने का संदेश मिलता है। जमीन, पेंशन, आवास, राशन, बिजली, सड़क और स्वास्थ्य जैसी समस्याएं सीधे लोगों के दैनिक जीवन से जुड़ी हैं। इन मामलों में छोटी प्रशासनिक देरी भी आम परिवार के लिए बड़ी परेशानी बन सकती है।

इसलिए शिकायतों के निपटारे की समय-सीमा तय करने के साथ उसकी नियमित समीक्षा भी जरूरी है। आवेदक को कार्रवाई की जानकारी मिलने से प्रशासन के प्रति भरोसा बढ़ता है। वहीं अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होती है। जन संवाद की असली सफलता इसी में है कि फरियाद लेकर पहुंचे व्यक्ति को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि नियमों के तहत समाधान की स्पष्ट दिशा मिले।

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