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तस्करी केस से लेकर ड्यूटी की लापरवाही तक, अररिया में 3 दिन में 4 थानेदारों पर बड़ी कार्रवाई

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Araria News | Araria Crime News | अररिया में एसपी जितेंद्र कुमार ने तीन दिनों में चार थाना प्रभारियों पर कार्रवाई की, दो निलंबित और दो लाइन हाजिर।

अररिया, 8 अगस्त। सीमावर्ती जिले अररिया में पुलिस महकमे के भीतर लगातार हुई कार्रवाई से अधिकारियों और कर्मियों के बीच हलचल बढ़ गई है। पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने महज तीन दिनों के दौरान चार थाना प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इनमें दो थाना प्रभारियों को निलंबित किया गया है, जबकि दो को लाइन हाजिर किया गया है। एक साथ इतनी कार्रवाई के बाद जिले में पुलिसिंग और थाना स्तर की कार्यशैली को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

जानकारी के अनुसार, जोगबनी थाना प्रभारी महादेव कामत को मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े एक मामले में गंभीर लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया है। बताया गया है कि पुलिस ने एक बड़े नशीले पदार्थ तस्कर को गिरफ्तार किया था, लेकिन गिरफ्तारी के बाद मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई। केस डायरी नहीं लिखे जाने और आगे की कार्रवाई नहीं किए जाने को विभाग ने गंभीरता से लिया।

नेपाल सीमा से सटा जोगबनी क्षेत्र पुलिस के लिए बेहद संवेदनशील माना जाता है। ऐसे क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी पर निगरानी और कार्रवाई पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है। गिरफ्तारी के बाद यदि कानूनी प्रक्रिया में कमी रह जाती है तो इससे पूरे मामले की जांच प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से जोगबनी थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की गई।

वहीं कुआड़ी थाना प्रभारी राजू कुमार को भी निलंबित किया गया है। उनके खिलाफ एक सिपाही के साथ कथित अनैतिक आचरण का मामला सामने आया है। विभागीय स्तर पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति और आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।

पुलिस विभाग में अधिकारियों से अनुशासन और निर्धारित आचरण का पालन करने की अपेक्षा की जाती है। खासकर थाना प्रभारी जैसे पद पर तैनात अधिकारी की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था संभालने तक सीमित नहीं होती, बल्कि अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों के साथ विभागीय मर्यादा बनाए रखना भी उनकी जिम्मेदारी होती है।

इधर बरदाहा थाना प्रभारी मिथिलेश कुमार सिंह और मदनपुर थाना प्रभारी शमसुद्दीन अंसारी को भी कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। दोनों को कर्तव्य के प्रति अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाने के आरोप में लाइन हाजिर किया गया है। थाना स्तर पर कामकाज और जिम्मेदारियों के निर्वहन को लेकर विभाग की ओर से की गई समीक्षा के बाद यह कदम उठाया गया।

बरदाहा थाना क्षेत्र में हाल के दिनों में मादक पदार्थ के खिलाफ पुलिस कार्रवाई भी हुई थी। पुलिस ने 48.45 ग्राम स्मैक के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया था। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बावजूद थाना स्तर पर कर्तव्य निर्वहन को लेकर सामने आई कमियों को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की गई।

लगातार चार थाना प्रभारियों पर हुई कार्रवाई को एसपी जितेंद्र कुमार की सख्त कार्यशैली से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि थाना स्तर पर किसी भी प्रकार की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। अपराधियों के साथ कथित मिलीभगत हो या फिर सरकारी ड्यूटी में लापरवाही, जांच में मामला सही पाए जाने पर संबंधित पुलिस पदाधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

अररिया जैसे सीमावर्ती जिले में पुलिस के सामने अपराध नियंत्रण के साथ-साथ तस्करी पर रोक लगाने की भी बड़ी चुनौती रहती है। नेपाल सीमा से जुड़े इलाकों में मादक पदार्थों की आवाजाही को रोकने के लिए पुलिस को लगातार सक्रिय रहना पड़ता है। ऐसे में थाना प्रभारियों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो जाती है।

एसपी की कार्रवाई का एक अहम पहलू यह भी है कि पुलिस विभाग के भीतर जवाबदेही तय करने पर जोर दिया जा रहा है। थाना प्रभारी किसी मामले में कार्रवाई करते हैं तो उसके बाद की कानूनी प्रक्रिया भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। गिरफ्तारी के बाद केस डायरी, अनुसंधान और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े जरूरी कदम समय पर पूरे करना पुलिस की जिम्मेदारी है।

एक साथ चार थाना प्रभारियों पर कार्रवाई के बाद जिले के दूसरे पुलिस पदाधिकारियों के बीच भी यह संदेश गया है कि कामकाज में लापरवाही को लेकर विभाग अब सख्त रुख अपना रहा है। हालांकि जिन मामलों में आरोप लगाए गए हैं, उनमें विभागीय जांच के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।

पुलिस अधीक्षक की ओर से जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाए जाने की बात कही गई है। इसका उद्देश्य पुलिस व्यवस्था में अनुशासन बनाए रखने के साथ अपराध नियंत्रण को प्रभावी बनाना है। आने वाले दिनों में थाना स्तर पर पुलिसिंग की निगरानी और अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा और तेज होने की संभावना है।

पुलिस कार्रवाई से क्या संदेश गया?

अररिया में तीन दिनों के भीतर चार थाना प्रभारियों पर कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि थाना स्तर पर कामकाज को लेकर पुलिस नेतृत्व गंभीर है। अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ कानूनी प्रक्रिया पूरी करना, शिकायतों पर ध्यान देना और विभागीय अनुशासन बनाए रखना पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

इस कार्रवाई का असर तभी दिखाई देगा जब थाना स्तर पर आम लोगों की शिकायतों का त्वरित समाधान, अपराध की रोकथाम और मामलों की निष्पक्ष जांच लगातार जारी रहे। पुलिस महकमे में अनुशासन जरूरी है, लेकिन उसके साथ पारदर्शिता और निष्पक्ष विभागीय जांच भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

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अररिया में पुलिस की कार्रवाई से जुड़ी अन्य खबरें और जिले की ताजा गतिविधियां Alam Ki Khabar पर पढ़ें।

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