:
Breaking News

Bihar Weather: बिहार में फिर सक्रिय हुआ मानसून, 13 जिलों में वज्रपात-तेज हवा का अलर्ट; 13 से 16 अगस्त तक भारी बारिश के आसार

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Bihar Weather | बिहार में मानसून फिर सक्रिय, 13 जिलों में वज्रपात और तेज हवा की चेतावनी, 13 से 16 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना।

पटना, 11 अगस्त। आलम की खबर: बिहार में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर तेज होने लगी हैं। राज्य में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 और 12 अगस्त को बिहार के कई हिस्सों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना जताई है, जबकि 13 से 16 अगस्त के बीच राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का दौर बनने का पूर्वानुमान जारी किया गया है। मौसम विभाग की ताजा चेतावनी के मुताबिक 13 अगस्त से बिहार में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं। 

आज मंगलवार को राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही गरज-चमक के दौरान तेज हवाएं चल सकती हैं। IMD के सुबह जारी अखिल भारतीय मौसम बुलेटिन में बिहार के लिए 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा के साथ गरज और वज्रपात की चेतावनी दी गई है। 11 और 12 अगस्त को खास तौर पर बिजली चमकने और आंधी जैसी स्थिति को लेकर सतर्क रहने की जरूरत बताई गई है। 

13 जिलों में विशेष सतर्कता

आज मौसम की गतिविधियों को देखते हुए उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम बिहार के कई जिलों में विशेष सावधानी जरूरी है। सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार जैसे जिलों में गरज-चमक और तेज हवा के साथ वज्रपात की आशंका बनी हुई है। वहीं दक्षिण-पश्चिम बिहार के बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और अरवल में भी मेघ गर्जन और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है।

हालांकि किसी भी जिले में बारिश या वज्रपात की घटना हर स्थान पर होना जरूरी नहीं है। मौसम संबंधी चेतावनियां संभावित गतिविधियों के आधार पर जारी की जाती हैं और स्थानीय स्तर पर मौसम का मिजाज कुछ ही समय में बदल सकता है। इसलिए चेतावनी वाले जिलों में रहने वाले लोगों को खासकर आंधी और बिजली चमकने के समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।

13 अगस्त से बढ़ेगा बारिश का दायरा

मौसम विभाग के अनुसार 11 और 12 अगस्त को बिहार में बारिश की गतिविधि मुख्य रूप से छिटपुट से लेकर कुछ स्थानों तक सीमित रह सकती है, लेकिन 13 अगस्त से तस्वीर बदल सकती है। IMD ने 13 अगस्त को बिहार में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके साथ ही गरज, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चलने का अनुमान है। 

14 अगस्त को भी राज्य में भारी बारिश के साथ आंधी और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। इसके बाद 15 अगस्त को भी बिहार के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। स्वतंत्रता दिवस के दिन भी मौसम पूरी तरह साफ रहने के संकेत नहीं हैं। 16 अगस्त को भी भारी बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है। IMD के 11 अगस्त के पूर्वानुमान में बिहार के लिए 13 से 17 अगस्त तक बारिश की गतिविधि बनी रहने के संकेत दिए गए हैं। 

उत्तर बिहार से दक्षिण बिहार तक असर

मानसून की सक्रियता का असर राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग रूप में देखने को मिल सकता है। उत्तर बिहार और सीमांचल के जिलों में बादल बनने के साथ गरज-चमक और तेज हवा की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। दूसरी ओर दक्षिण-पश्चिम बिहार के जिलों में भी वज्रपात को लेकर चेतावनी जारी है।

पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और भागलपुर जैसे प्रमुख शहरों में मौसम बादल और उमस वाला रह सकता है। कुछ इलाकों में बारिश होने से तापमान में राहत मिल सकती है, जबकि बारिश नहीं होने वाले क्षेत्रों में उमस लोगों को परेशान कर सकती है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान से यह साफ है कि अगले कुछ दिनों में बिहार में बारिश का वितरण एक जैसा नहीं रहने वाला है। किसी इलाके में तेज बारिश हो सकती है तो कुछ किलोमीटर दूर दूसरे इलाके में केवल बादल या हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। यही वजह है कि स्थानीय स्तर की मौसम चेतावनी को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी जा रही है।

किसानों के लिए बारिश राहत भी, चुनौती भी

मानसून की बढ़ती गतिविधि किसानों के लिए राहत लेकर आ सकती है। खेतों में लगी फसलों के लिए बारिश जरूरी है और अगस्त के मध्य में होने वाली बारिश कृषि गतिविधियों को गति दे सकती है। हालांकि बहुत कम समय में तेज बारिश होने पर खेतों में जलजमाव की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।

विशेषकर निचले इलाकों और पहले से पानी जमा रहने वाले क्षेत्रों में लगातार बारिश होने पर स्थिति बिगड़ सकती है। किसानों को मौसम की स्थानीय स्थिति पर नजर रखते हुए खेतों में जरूरी कृषि कार्य करने की सलाह दी जाती है।

बिजली गिरने के दौरान रहें बेहद सावधान

वज्रपात को लेकर मौसम विभाग की चेतावनी के बीच सबसे ज्यादा सावधानी खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों को बरतनी होगी। गरज-चमक शुरू होने पर खेत, खुले मैदान, तालाब, नदी या अन्य जलस्रोत के पास रुकना जोखिम भरा हो सकता है। पेड़ के नीचे खड़े होने से भी बचना चाहिए।

आंधी के दौरान बिजली के खंभों, तारों और कमजोर संरचनाओं से दूरी बनाए रखना जरूरी है। यदि तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो जाए तो लोगों को सुरक्षित और पक्के स्थान पर रहने को प्राथमिकता देनी चाहिए।

तापमान में बहुत बड़ी बढ़ोतरी की संभावना कम

बारिश और बादलों की वजह से आने वाले दिनों में तापमान में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में दिन का तापमान लगभग 30 से 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान करीब 24 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। पटना में भी बादल और उमस के बीच अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

IMD के ताजा बुलेटिन में बिहार के लिए 11 और 12 अगस्त को छिटपुट बारिश तथा 13 से 16 अगस्त के दौरान अधिक व्यापक बारिश की संभावना दर्ज की गई है। साथ ही 11 से 16 अगस्त तक राज्य में गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधि बनी रहने के संकेत हैं। 

बारिश से AQI में भी मिल सकती है राहत

बारिश और तेज हवा के कारण वातावरण में मौजूद धूल और कुछ प्रदूषक कण नीचे बैठ सकते हैं। इससे कई शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI में अस्थायी सुधार देखने को मिल सकता है। हालांकि बिहार के सभी शहरों का AQI एक जैसा नहीं होता। पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और अन्य शहरी क्षेत्रों में स्थानीय ट्रैफिक, निर्माण कार्य और मौसम की स्थिति के आधार पर हवा की गुणवत्ता अलग-अलग रह सकती है।

कुल मिलाकर बिहार में अगले कुछ दिन मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। 11 और 12 अगस्त को जहां गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवा पर नजर रखनी होगी, वहीं 13 से 16 अगस्त के बीच भारी बारिश की संभावना के कारण जलजमाव और स्थानीय आवागमन पर भी असर पड़ सकता है। IMD की 11 अगस्त की चेतावनी के अनुसार बिहार में 13 से 16 अगस्त तक भारी बारिश का दौर बन सकता है। 

Mausam +1

यह भी पढ़ें

Bihar Weather Update: बिहार में 32 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, तेज आंधी-बारिश के संकेत

बिहार में आंधी-बारिश और वज्रपात का कहर, 15 लोगों की मौत, 25 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

Alam Ki Khabar की सभी बिहार मौसम खबरें

संपादकीय निष्कर्ष

बारिश के साथ बढ़ती वज्रपात की चुनौती को हल्के में न लें

बिहार में मानसून की सक्रियता किसानों और आम लोगों के लिए राहत का संकेत जरूर है, लेकिन बारिश के साथ आने वाला वज्रपात और तेज हवा गंभीर खतरा भी बन सकता है। हर साल मानसून के दौरान बिजली गिरने की घटनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी चिंता पैदा करती हैं। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनी को केवल मोबाइल अलर्ट समझकर नजरअंदाज करने के बजाय उसे रोजमर्रा की सुरक्षा का हिस्सा बनाना जरूरी है।

13 से 16 अगस्त के बीच बारिश बढ़ने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन को निचले इलाकों, जलजमाव वाले क्षेत्रों और कमजोर बिजली ढांचे पर नजर रखनी चाहिए। पंचायत स्तर तक मौसम चेतावनी पहुंचाना भी जरूरी है, क्योंकि सबसे अधिक जोखिम खुले खेतों में काम करने वाले किसानों और ग्रामीण आबादी को रहता है।

आम लोगों की भी जिम्मेदारी है कि गरज-चमक के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें। बारिश राहत देती है, लेकिन वज्रपात किसी चेतावनी का इंतजार नहीं करता। इसलिए मौसम की हर चेतावनी को गंभीरता से लेना ही सबसे सुरक्षित रास्ता है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *