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Muzaffarpur News: बिस्कुट खाने के बाद ढाई साल के आर्यन की मौत, मां पर जहरीला पदार्थ खिलाने का आरोप; पुलिस जांच में जुटी

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | मुजफ्फरपुर में ढाई साल के बच्चे की संदिग्ध मौत के मामले में मां पर जहरीला पदार्थ खिलाने का आरोप लगा है। पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर जांच शुरू की है।

मुजफ्फरपुर, 22 अगस्त। मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर प्रखंड से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। रामपुर हरि थाना क्षेत्र के टेंगरांहा उत्तरी टोला में ढाई साल के मासूम बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने बच्चे की मां पर बिस्कुट में जहरीला पदार्थ मिलाकर खिलाने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल से नमूने जुटाने के लिए एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया।

मृत बच्चे की पहचान अखिलेश राम के ढाई वर्षीय बेटे आर्यन कुमार के रूप में हुई है। आर्यन की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। घर में जिस बच्चे की आवाज और चहक से माहौल बना रहता था, उसकी अचानक मौत के बाद वहां मातम पसरा हुआ है।

परिजनों के मुताबिक घटना उस समय हुई, जब बच्चे के दादा-दादी किसी काम से घर से बाहर गए हुए थे। इसी दौरान आर्यन की मां आरती कुमारी के साथ बच्चा घर में था। आरोप है कि इसी दौरान महिला ने बिस्कुट में कोई जहरीला पदार्थ मिलाकर बच्चे को खिला दिया।

कुछ समय बाद आर्यन की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उसकी हालत खराब होते देख घर में अफरातफरी मच गई। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी वहां पहुंच गए। ग्रामीणों ने बच्चे को बचाने की कोशिश की, लेकिन उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई और आखिरकार उसने दम तोड़ दिया।

घटना की जानकारी फैलते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर जुटने लगे। इतनी कम उम्र के बच्चे की अचानक मौत से ग्रामीण भी सकते में रह गए। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था।

पिता पंजाब में करते हैं मजदूरी

बताया गया है कि आर्यन के पिता अखिलेश राम परिवार के भरण-पोषण के लिए पंजाब में मजदूरी करते हैं। घटना की सूचना उन्हें दे दी गई है। परिवार के अनुसार, अखिलेश और आरती के बीच पहले से पारिवारिक विवाद भी चल रहा था।

परिजनों ने बताया कि करीब सात साल पहले अखिलेश की शादी आरती कुमारी से हुई थी। दोनों के बीच समय-समय पर विवाद होने की बात सामने आई है। आरोप है कि महिला कई बार मायके भी चली जाती थी। घटना से करीब 15 दिन पहले भी वह मायके गई थी और बुधवार शाम को ही वापस ससुराल लौटी थी।

हालांकि, पुलिस अभी इस बात की जांच कर रही है कि घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था और बच्चे की मौत किन परिस्थितियों में हुई। केवल पारिवारिक विवाद को घटना की वजह मानना अभी जल्दबाजी होगी।

बच्चे की मौत के बाद मां ने भी जहरीला पदार्थ खाने की बात

घटना के बाद महिला के भी कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाने की बात सामने आई है। उसकी हालत बिगड़ने के बाद उसे इलाज के लिए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, मुजफ्फरपुर ले जाया गया। महिला का इलाज पुलिस की निगरानी में कराया जा रहा है।

पुलिस हिरासत में होने के कारण महिला से घटना को लेकर पूछताछ भी की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बच्चे को वास्तव में क्या खिलाया गया था, जहरीला पदार्थ कहां से आया और घटना से पहले घर में क्या परिस्थितियां थीं।

एफएसएल टीम ने घटनास्थल से जुटाए नमूने

मामले की सूचना मिलते ही रामपुर हरि थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल को जांच के दायरे में लेते हुए वहां से जरूरी साक्ष्य जुटाए। वैज्ञानिक जांच के लिए एफएसएल की टीम को बुलाया गया।

एफएसएल टीम ने घटनास्थल से अलग-अलग नमूने एकत्र किए हैं। इन नमूनों की जांच के बाद यह स्पष्ट होने में मदद मिलेगी कि बच्चे के संपर्क में कोई जहरीला पदार्थ आया था या नहीं।

पुलिस ने बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच रिपोर्ट को इस मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पुलिस बोली- जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर

रामपुर हरि थानाध्यक्ष अंजली कुमारी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में बच्चे की मौत जहरीला पदार्थ खाने की आशंका से जुड़ी हुई है। महिला को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

सार्वजनिक रिपोर्टिंग में भी यह सामने आया है कि एफएसएल टीम ने घटनास्थल से नमूने लिए और महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।

मासूम की मौत ने खड़े किए कई सवाल

ढाई साल का आर्यन आखिर किन परिस्थितियों में जहरीले पदार्थ की चपेट में आया, यह इस मामले का सबसे बड़ा सवाल है। यदि बच्चे को जानबूझकर कोई जहरीला पदार्थ दिया गया, तो उसके पीछे की वजह क्या थी? क्या घटना अचानक हुई या इसके पीछे पहले से कोई योजना थी? महिला ने खुद भी कथित तौर पर जहरीला पदार्थ क्यों खाया? इन सभी सवालों का जवाब पुलिस की जांच से ही सामने आएगा।

फिलहाल परिवार के लिए सबसे बड़ा दुख अपने मासूम बच्चे को खोना है। जिस उम्र में बच्चा अपने माता-पिता की उंगली पकड़कर दुनिया को समझना शुरू करता है, उसी उम्र में आर्यन की जिंदगी अचानक खत्म हो गई।

घटना ने न सिर्फ परिवार को तोड़ा है, बल्कि ग्रामीण इलाके में भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच और महिला से पूछताछ के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

मामले में आगे क्या कानूनी कार्रवाई होती है और बच्चे की मौत की वास्तविक वजह क्या निकलती है, इसका फैसला जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

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घटना से बड़ा सवाल: परिवार के भीतर बढ़ते तनाव को नजरअंदाज क्यों किया जाता है?

किसी बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत केवल एक आपराधिक घटना नहीं होती, बल्कि यह परिवार और समाज के सामने कई गंभीर सवाल भी छोड़ जाती है। मुजफ्फरपुर की इस घटना में पुलिस जांच यह तय करेगी कि वास्तव में क्या हुआ और बच्चे की मौत के लिए कौन जिम्मेदार है। लेकिन इसके साथ ही यह सवाल भी जरूरी है कि परिवार के भीतर लंबे समय से चल रहे विवादों को समय रहते सुलझाने की कोशिश क्यों नहीं हुई।

पति-पत्नी के बीच विवाद किसी भी परिवार में हो सकता है, लेकिन जब विवाद लगातार बढ़ता रहे और उसका असर बच्चों तक पहुंचने लगे तो परिवार, रिश्तेदारों और समाज की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। छोटे बच्चे पारिवारिक तनाव को समझ नहीं पाते, लेकिन उसका सबसे गहरा असर उन्हीं पर पड़ सकता है।

इस मामले में आरोप बेहद गंभीर हैं, इसलिए जांच पूरी तरह निष्पक्ष और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए। न तो किसी आरोपी को जांच से पहले दोषी घोषित किया जा सकता है और न ही पीड़ित बच्चे के साथ हुई घटना को सामान्य मानकर छोड़ दिया जाना चाहिए।

पुलिस को पोस्टमार्टम, एफएसएल रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले सभी साक्ष्यों को जोड़कर घटना की वास्तविक तस्वीर सामने लानी होगी। साथ ही परिवार में पहले से चल रहे विवाद की भी जांच जरूरी है।

आर्यन की मौत ने एक परिवार की खुशियां छीन ली हैं। अब जरूरी है कि जांच जल्द पूरी हो और सच्चाई सामने आए, ताकि दोषी के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई हो सके और ऐसी त्रासदी दोबारा किसी मासूम की जिंदगी न छीन सके।

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