:
Breaking News

Samastipur News: बच्चों के पोषण और स्कूलों के डिजिटल रिकॉर्ड पर डीएम सख्त, ई-शिक्षाकोष की लंबित प्रविष्टियां जल्द पूरी करने का निर्देश

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | समस्तीपुर में विद्यालय पोषण कार्यक्रम और ई-शिक्षाकोष की समीक्षा बैठक में डीएम रोशन कुशवाहा ने गुणवत्तापूर्ण पोषण, नियमित निगरानी और लंबित डिजिटल प्रविष्टियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।

समस्तीपुर, 22 अगस्त 2026। सरकारी विद्यालयों में बच्चों को मिलने वाले पोषण कार्यक्रम की गुणवत्ता और स्कूलों से जुड़े डिजिटल आंकड़ों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। समाहरणालय सभागार में शनिवार को आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा-सह-उन्मुखीकरण बैठक में जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने विद्यालय पोषण कार्यक्रम के प्रभावी संचालन के साथ-साथ ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर लंबित सूचनाओं को समय-सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में संचालित पोषण कार्यक्रम केवल भोजन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, विद्यालय में उपस्थिति और उनके शैक्षणिक विकास से है। इसलिए कार्यक्रम के क्रियान्वयन में किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में जिले के सरकारी विद्यालयों में चल रहे विद्यालय पोषण कार्यक्रम यानी अंकुरण की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की गई। विद्यालय स्तर पर बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही पोषण संबंधी सुविधाओं, कार्यक्रम के संचालन, गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था से जुड़े बिंदुओं पर अधिकारियों के साथ चर्चा हुई।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि निर्धारित मानकों के अनुरूप बच्चों को नियमित रूप से पोषण संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। विद्यालयों में कार्यक्रम किस तरह संचालित हो रहा है, इसकी वास्तविक स्थिति जानने के लिए नियमित निरीक्षण और अनुश्रवण करने पर भी जोर दिया गया।

उन्होंने कहा कि कागजों में कार्यक्रम के संचालन से अधिक महत्वपूर्ण यह है कि उसका लाभ वास्तव में विद्यार्थियों तक पहुंच रहा है या नहीं। इसलिए क्षेत्रीय स्तर पर पदाधिकारी विद्यालयों का निरीक्षण करें और वहां की वास्तविक स्थिति की जानकारी लें। किसी विद्यालय में कमी सामने आने पर उसे केवल रिपोर्ट तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाए।

बैठक में ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर विद्यालयों से संबंधित आंकड़ों और सूचनाओं की स्थिति भी प्रमुख मुद्दा रही। अधिकारियों को बताया गया कि पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़े विभागीय योजनाओं की निगरानी और भविष्य की कार्ययोजना तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में गलत, अधूरी या पुरानी जानकारी से प्रशासनिक स्तर पर निर्णय लेने में परेशानी हो सकती है।

डीएम ने निर्देश दिया कि सभी विद्यालयों से संबंधित आवश्यक प्रविष्टियों को निर्धारित समय के अंदर पूरा कराया जाए। इसके साथ ही पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों की शुद्धता की भी जांच की जाए, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि या विसंगति भविष्य में समस्या का कारण न बने।

उन्होंने लंबित प्रविष्टियों को लेकर भी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। जिन विद्यालयों या संबंधित स्तरों पर ई-शिक्षाकोष का काम अभी पूरा नहीं हुआ है, वहां समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा कराने को कहा गया। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि अनावश्यक विलंब अथवा लापरवाही सामने आने पर संबंधित व्यक्ति की जवाबदेही तय की जाएगी।

बैठक में तकनीकी स्तर पर आने वाली परेशानियों पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने विद्यालय स्तर पर काम करने वाले संबंधित कर्मियों और पदाधिकारियों को आवश्यक तकनीकी सहयोग तथा उन्मुखीकरण उपलब्ध कराने की बात कही, ताकि पोर्टल से जुड़े कार्यों में अनावश्यक परेशानी न हो।

विद्यालय पोषण कार्यक्रम को लेकर जिलाधिकारी ने शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता जताई। उनका कहना था कि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी बनाने के लिए अलग-अलग विभागों को अपनी जिम्मेदारियों के साथ मिलकर काम करना होगा।

बैठक में कार्यक्रम की नियमित समीक्षा और सतत निगरानी की व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि तय लक्ष्यों की प्रगति की लगातार समीक्षा की जाए और जहां भी कार्य की रफ्तार अपेक्षा के अनुरूप नहीं है, वहां आवश्यक कदम उठाए जाएं।

समस्तीपुर जिले के सरकारी विद्यालयों में बच्चों से जुड़े कार्यक्रमों की निगरानी को लेकर प्रशासन का यह रुख ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति और उनके स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है। विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं की गुणवत्ता और उनका वास्तविक लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचना शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी है।

डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बच्चों के हित से जुड़े दोनों महत्वपूर्ण कार्यों—विद्यालय पोषण कार्यक्रम और ई-शिक्षाकोष—को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने समय-सीमा के भीतर निर्धारित लक्ष्य पूरा करने और काम की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह, सिविल सर्जन, शिक्षा विभाग के संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी तथा अन्य विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

जिला प्रशासन की ओर से अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि विद्यालय पोषण कार्यक्रम के संचालन में सामने आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए और ई-शिक्षाकोष पर लंबित कार्यों को बिना अनावश्यक देरी के पूरा कराया जाए। प्रशासन का जोर इस बात पर रहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचे और विद्यालयों से संबंधित डिजिटल जानकारी भी पूरी तरह अद्यतन रहे।

बच्चों की थाली और स्कूल का डिजिटल रिकॉर्ड, दोनों पर प्रशासन की नजर

विद्यालय में बच्चों को मिलने वाला पोषण और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज होने वाली जानकारी, दोनों शिक्षा व्यवस्था के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। एक तरफ पोषण कार्यक्रम बच्चों के स्वास्थ्य और स्कूल में उनकी नियमित उपस्थिति से जुड़ा है, तो दूसरी तरफ ई-शिक्षाकोष जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध आंकड़े योजनाओं की निगरानी और प्रशासनिक निर्णयों में उपयोगी होते हैं।

समस्तीपुर में हुई समीक्षा बैठक से यह स्पष्ट संदेश गया है कि जिला प्रशासन अब सिर्फ योजनाओं के कागजी संचालन पर निर्भर रहने के बजाय उनके जमीनी क्रियान्वयन और डिजिटल रिकॉर्ड दोनों पर निगरानी बढ़ाना चाहता है। यदि विद्यालयों में नियमित निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण पोषण और सही डिजिटल डाटा की व्यवस्था मजबूत होती है, तो इसका सीधा लाभ विद्यार्थियों और पूरी शिक्षा व्यवस्था को मिल सकता है।

यह भी पढ़ें

समस्तीपुर में सरकारी स्कूलों के भोजन की गुणवत्ता को लेकर उठे सवाल, जांच और निगरानी की जरूरत

सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण भोजन और नियमित निरीक्षण पर शिक्षा विभाग का जोर

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *