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BIHAR TRAGEDY: रक्षाबंधन पर बिहार में हादसों का कहर, सड़क दुर्घटना, डूबने और ट्रेन हादसों में 11 लोगों की मौत

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | रक्षाबंधन के दिन बिहार के कई जिलों में हुए सड़क हादसों, नदी में डूबने और ट्रेन से गिरने की घटनाओं में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई। कई लोग घायल हुए हैं।

पटना, 29 अगस्त। रक्षाबंधन का पर्व बिहार के कई परिवारों के लिए उस समय मातम में बदल गया, जब भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की खुशियां मनाने निकले लोग अलग-अलग हादसों का शिकार हो गए। शुक्रवार को राज्य के कई जिलों से सड़क दुर्घटना, नदी में डूबने और ट्रेन से गिरने की दर्दनाक घटनाएं सामने आईं। इन हादसों में कम से कम 11 लोगों की जान चली गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए। किसी का सफर बहन से राखी बंधवाने के लिए शुरू हुआ था तो कोई भाई की कलाई पर राखी बांधने जा रहा था, लेकिन रास्ते में हुई दुर्घटना ने परिवार की पूरी खुशियां छीन लीं।

पटना जिले के पालीगंज थाना क्षेत्र में रामपुर-नगवा मार्ग पर रक्षाबंधन के दिन तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा टकराई। बाइक पर तीन युवक सवार थे। टक्कर इतनी तेज थी कि तीनों सड़क पर गिर पड़े। दुर्घटना में बाइक चला रहे 13 वर्षीय किशोर की मौके पर ही मौत हो गई। दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।

किशनगंज में भी पर्व के दिन एक परिवार के लिए सफर आखिरी यात्रा साबित हुआ। सुखानी थाना क्षेत्र के साबोडांगी के पास एनएच-327ई पर सुबह करीब सात बजे एक तेज रफ्तार ट्रक ने सामने से आ रही कार को टक्कर मार दी। कार में चार लोग सवार थे। हादसे में दरभंगा के बहेड़ी निवासी डॉ. अनिल कुमार और मधुबनी के अमरामथ निवासी पवन यादव की मौत हो गई।

हादसे में समस्तीपुर निवासी तेज नारायण मुखिया और मधुबनी निवासी राधेश्याम शर्मा घायल हुए। राधेश्याम शर्मा के सीएम साइंस कॉलेज में प्रोफेसर होने की जानकारी सामने आई है। बताया गया कि सभी लोग मधुबनी से सिलीगुड़ी की ओर जा रहे थे। रक्षाबंधन के अवसर पर शुरू हुआ यह सफर कुछ ही समय बाद दो परिवारों के लिए दुख की खबर में बदल गया।

लखीसराय के कवैया थाना क्षेत्र में किऊल नदी ने भी एक परिवार की खुशियां छीन लीं। मुसहरी टोला घाट के समीप नदी में नहाने के दौरान 37 वर्षीय चंदन दास की डूबने से मौत हो गई। बताया गया कि चंदन अपने दो दोस्तों नीतीश और बोथा के साथ नदी में स्नान करने गया था।

तीनों के बीच नदी पार कर मंडप छूने की शर्त लगी थी। इसी दौरान चंदन की तबीयत बिगड़ी और वह पानी में अपना संतुलन नहीं संभाल सका। दोस्तों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वह गहरे पानी में चला गया और बाहर नहीं निकल सका। रक्षाबंधन के दिन हुई इस घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई।

सुपौल में भी भाई को राखी बांधने निकला परिवार हादसे का शिकार हो गया। राघोपुर थाना क्षेत्र में एनएच-27 पर रामविशनपुर चकला चौक के पास एक चारपहिया वाहन ने बाइक में पीछे से टक्कर मार दी। बाइक पर चार लोग सवार थे। हादसे में 23 वर्षीय पूजा देवी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक साल के बच्चे समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

परिजनों के अनुसार पूजा अपने परिवार के साथ भाई को राखी बांधने जा रही थीं। पर्व के दिन हुए हादसे के बाद परिवार की खुशियां देखते ही देखते मातम में बदल गईं।

आरा में बहन से राखी बंधवाने जा रहे भाई की ट्रेन से गिरकर मौत

भोजपुर के बनाही रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन से गिरने के कारण संतोष कुमार की जान चली गई। करनामेपुर थाना क्षेत्र के माधोपुर गांव निवासी संतोष अपनी चचेरी बहन से राखी बंधवाने के लिए बक्सर जिले के रघुनाथपुर जा रहा था। इसी दौरान ट्रेन से गिर गया और उसकी मौत हो गई।

नवादा में भी दो परिवारों पर टूटा दुख का पहाड़

रक्षाबंधन के दिन नवादा में दो अलग-अलग घटनाओं में दो युवकों की मौत की खबर सामने आई। कौआकोल में सड़क दुर्घटना में एक युवक की जान गई, जबकि वारिसलीगंज थाना क्षेत्र में मालगाड़ी की चपेट में आने से दूसरे युवक की मौत हो गई।

वारिसलीगंज के बाघीबरडीहा रेलवे स्टेशन के पास हुए हादसे में मृतक की पहचान मय गांव निवासी पप्पू सिंह के रूप में हुई। बताया गया कि दोनों युवक रक्षाबंधन के अवसर पर अपने घर से निकले थे।

भागलपुर में तीन बहनों की डूबने से मौत

भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रखंड में हुई घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। दखलीटोला बिहुला धार में स्नान करने गई तीन बहनों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों में एक युवती और दो किशोरियां शामिल थीं।

बताया गया कि तीनों बहनें घर से करीब डेढ़ से दो किलोमीटर दूर धार में स्नान करने गई थीं। स्नान के दौरान पहले दो बहनें तेज बहाव की चपेट में आईं। उन्हें बचाने के प्रयास में तीसरी भी पानी में चली गई। देखते ही देखते तीनों गहरे पानी में समा गईं।

एक ही परिवार की तीन बेटियों की मौत की खबर जैसे ही घर पहुंची, वहां कोहराम मच गया। जिस दिन घर में राखी के त्योहार की तैयारी होनी थी, उसी दिन मातम छा गया।

रक्षाबंधन के दिन बिहार के अलग-अलग हिस्सों से सामने आई इन घटनाओं ने त्योहार की खुशियों के बीच सड़क सुरक्षा, नदी में सावधानी और रेल यात्रा के दौरान सतर्कता की जरूरत को फिर सामने ला दिया है। इन हादसों में एक समान बात यह रही कि अधिकांश लोग किसी खुशी या पारिवारिक मिलन के उद्देश्य से घर से निकले थे। लेकिन कुछ ही पलों में उनके परिवारों को अपनों के खोने की खबर मिली।

इन घटनाओं ने यह भी दिखाया कि त्योहारों के दौरान सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ने के साथ तेज रफ्तार और लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है। वहीं नदी और धार में स्नान करते समय पानी की गहराई और तेज बहाव को नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है। रेल यात्रा के दौरान भी दरवाजे या ट्रेन के खुले हिस्से के पास खड़े होने में सावधानी बेहद जरूरी है।

रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते की खुशियों का पर्व है। लेकिन इस बार बिहार के कई परिवारों के लिए राखी की डोर खुशियां बांधने के बजाय अपनों की याद बनकर रह गई। कहीं भाई बहन तक नहीं पहुंच सका तो कहीं बहन की कलाई पर राखी बांधने का इंतजार हमेशा के लिए खत्म हो गया।

खुशियों के त्योहार पर हादसों का यह सिलसिला कई परिवारों को ऐसा दर्द दे गया, जिसकी भरपाई किसी भी कीमत पर संभव नहीं है।

रक्षाबंधन की खुशियों पर हादसों का साया, कई घरों में पसरा मातम

रक्षाबंधन जैसे पर्व पर हुई इन घटनाओं को केवल अलग-अलग दुर्घटनाओं के रूप में देखना पर्याप्त नहीं है। त्योहारों के दौरान सड़क पर बढ़ती आवाजाही, तेज रफ्तार, नदी में स्नान के दौरान सुरक्षा की अनदेखी और रेल यात्रा में छोटी-सी लापरवाही कई बार जिंदगी पर भारी पड़ जाती है।

सबसे जरूरी बात यह है कि खुशी के मौके पर घर से निकलते समय लोग अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें। सड़क पर कुछ मिनट बचाने के लिए तेज रफ्तार अपनाना, नदी में बिना सुरक्षा के उतरना या ट्रेन में असावधानी बरतना किसी भी परिवार की पूरी जिंदगी बदल सकता है।

प्रशासन की जिम्मेदारी भी केवल हादसे के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं होनी चाहिए। त्योहारों के दौरान संवेदनशील सड़कों पर यातायात नियंत्रण, नदी घाटों पर निगरानी और रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है।

रक्षाबंधन रिश्तों को मजबूत करने का पर्व है। ऐसे त्योहार पर अगर एक परिवार का सदस्य घर लौटकर नहीं आता, तो उसके पीछे रह जाने वाले लोगों के लिए वह दर्द जीवनभर रहता है। इसलिए त्योहार की खुशी के साथ सावधानी भी उतनी ही जरूरी है।

Bihar Tragedy: रक्षाबंधन के दिन अलग-अलग हादसों में 11 लोगों की मौत

रक्षाबंधन के दिन बिहार के पटना, किशनगंज, लखीसराय, सुपौल, भोजपुर, नवादा और भागलपुर समेत कई जिलों से हादसों की खबर सामने आई। सड़क दुर्घटनाओं में कई लोगों की जान गई, जबकि नदी में डूबने और ट्रेन से गिरने की घटनाओं ने भी परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया।

इन हादसों में कई लोग त्योहार मनाने के लिए अपने घरों या रिश्तेदारों के यहां जा रहे थे। प्रशासन और स्थानीय लोगों की ओर से लोगों से अपील की गई है कि त्योहारों के दौरान यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतें और नदी या तेज बहाव वाले जलस्रोतों में उतरने से बचें।

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