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MOTIHARI NEWS: ढाका में पानी टंकी पर चढ़ा युवक, चार घंटे तक चला हाईवोल्टेज ड्रामा; अंदर उतरकर बैठा

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | मोतिहारी के ढाका नगर परिषद क्षेत्र में पीएचईडी की पानी टंकी पर युवक के चढ़ने से हड़कंप मच गया। युवक करीब चार घंटे तक टंकी के अंदर बैठा रहा, जिसे बाहर निकालने के लिए पुलिस और प्रशासन ने काफी मशक्कत की।

मोतिहारी, 29 अगस्त। ढाका नगर परिषद क्षेत्र में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक पीएचईडी की पानी टंकी पर चढ़ गया और करीब चार घंटे तक नीचे उतरने को तैयार नहीं हुआ। युवक ने टंकी का ढक्कन खोलकर अंदर बनी सीढ़ियों के रास्ते नीचे उतरकर खुद को टंकी के भीतर बैठा लिया। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक टीम ने उसे बाहर निकालने की काफी कोशिश की, लेकिन लंबे समय तक सफलता नहीं मिल सकी।

घटना ढाका नगर परिषद के वार्ड संख्या-21 की बताई जा रही है। शुक्रवार शाम करीब चार बजे स्थानीय लोगों की नजर पानी टंकी के ऊपर घूम रहे युवक पर पड़ी। कुछ ही देर में इसकी जानकारी आसपास के लोगों तक पहुंच गई और टंकी के पास लोगों की भीड़ जमा हो गई।

सूचना मिलने के बाद ढाका थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने युवक से बातचीत कर उसे नीचे उतरने के लिए समझाने की कोशिश की, लेकिन वह किसी की बात मानने को तैयार नहीं हुआ।

अधिकारियों ने भी की समझाने की कोशिश

स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए एसडीएम विजय कुमार और एसडीपीओ अभिषेक कुमार भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने भी युवक से बातचीत कर उसे सुरक्षित नीचे आने के लिए मनाने का प्रयास किया।

इसी बीच युवक ने पानी टंकी का ढक्कन खोला और अंदर उतर गया। इसके बाद स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई। टंकी के भीतर अंधेरा होने के कारण बाहर से युवक की गतिविधियों पर नजर रखना मुश्किल हो गया।

युवक टंकी के अंदर जाकर बैठ गया

घटना के बाद स्थानीय दो युवकों ने टंकी के ऊपर पहुंचकर अंदर की स्थिति देखने की कोशिश की। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि युवक टंकी के अंदर बैठा हुआ है।

इसके बाद रस्सी की मदद से कुछ अन्य लोगों को भी टंकी के ऊपर भेजा गया। उद्देश्य था कि किसी तरह युवक को सुरक्षित बाहर निकाला जाए। बताया गया कि युवक ने अपनी शर्ट उतार रखी थी और बार-बार समझाने के बावजूद बाहर आने को तैयार नहीं था।

रेस्क्यू में गर्मी और अंधेरे ने बढ़ाई परेशानी

युवक को बाहर निकालने के प्रयास में पुलिसकर्मी और अन्य लोग भी टंकी के ऊपर पहुंचे। उनके पास रस्सी और डंडे जैसे सामान थे। लेकिन टंकी के अंदर अंधेरा, गर्मी और उमस की वजह से बचाव अभियान में काफी दिक्कत आई।

काफी कोशिश के बाद भी युवक को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता नहीं मिली। घटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों में भी बेचैनी बनी रही। लोग लगातार टंकी की ओर देखते रहे और युवक के सुरक्षित बाहर आने का इंतजार करते रहे।

मानसिक स्थिति को लेकर लोगों में चर्चा

युवक के व्यवहार को देखकर मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने उसके मानसिक रूप से अस्वस्थ होने की आशंका जताई। हालांकि, उसकी मानसिक स्थिति को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

ऐसी स्थिति में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती युवक को किसी तरह उकसाए बिना सुरक्षित बाहर निकालने की थी। इसी वजह से बातचीत और समझाने के जरिए उसे नीचे लाने का प्रयास किया जाता रहा।

अंधेरा होने पर अभियान रोकना पड़ा

घंटों की कोशिश के बावजूद जब युवक बाहर नहीं आया तो अंधेरा होने के बाद बचाव अभियान रोक दिया गया। मौके पर मौजूद अधिकारी वापस लौट गए।

पूरी घटना के दौरान करीब चार घंटे तक पानी टंकी के आसपास लोगों की भीड़ लगी रही। युवक के टंकी पर चढ़ने और फिर उसके भीतर चले जाने की घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी रही।

छह महीने से बंद है पानी की आपूर्ति

जिस पानी टंकी पर युवक के चढ़ने की घटना हुई, उससे जुड़ी एक और अहम बात सामने आई है। स्थानीय जानकारी के अनुसार इस टंकी से करीब छह महीने से पानी की आपूर्ति बंद है।

जलापूर्ति बंद रहने के कारण टंकी का नियमित इस्तेमाल नहीं हो रहा था। इसी दौरान युवक के टंकी के ऊपर पहुंचने और फिर उसके अंदर जाकर बैठने की घटना सामने आई।

चार घंटे तक बना रहा तनाव

शुक्रवार शाम शुरू हुई घटना के बाद करीब चार घंटे तक पुलिस और प्रशासन युवक को सुरक्षित बाहर निकालने में जुटे रहे। आसपास जमा लोगों की निगाहें लगातार पानी टंकी पर टिकी रहीं।

घटना ने स्थानीय प्रशासन के सामने भी एक चुनौती खड़ी कर दी। टंकी की ऊंचाई, अंदर का अंधेरा और गर्मी-उमस के कारण बचाव कार्य आसान नहीं था।

फिलहाल घटना का सबसे अहम पहलू यह रहा कि युवक लंबे समय तक पानी टंकी के भीतर बैठा रहा और उसे बाहर निकालने के लिए पुलिस व प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। युवक वहां क्यों चढ़ा और टंकी के अंदर क्यों जाकर बैठ गया, इसकी स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है।

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टंकी पर चढ़ने की घटनाएं प्रशासन के लिए चुनौती

ऊंची पानी टंकियां या अन्य सार्वजनिक ढांचे कई बार ऐसे मामलों में जोखिम का केंद्र बन जाते हैं। किसी व्यक्ति के ऊपर चढ़ जाने के बाद उसे जबरन नीचे उतारना भी खतरे से खाली नहीं होता। ऐसे मामलों में व्यक्ति की सुरक्षा के साथ-साथ आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण होती है।

ढाका की घटना में भी प्रशासन को इसी चुनौती का सामना करना पड़ा। युवक टंकी के भीतर चला गया, जहां रोशनी और जगह की समस्या के कारण बचाव कार्य और मुश्किल हो गया।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, युवक के व्यवहार को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं होती रहीं, लेकिन वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकता है। फिलहाल प्राथमिकता युवक को सुरक्षित निकालने और घटना के कारणों का पता लगाने की होनी चाहिए।

जलापूर्ति बंद टंकी की सुरक्षा पर भी सवाल

करीब छह महीने से जलापूर्ति बंद होने की जानकारी सामने आने के बाद टंकी की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। यदि किसी सार्वजनिक पानी टंकी का लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं हो रहा है तो उसके आसपास सुरक्षा और प्रवेश व्यवस्था पर भी ध्यान देना जरूरी है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा भी रही कि आखिर युवक इतनी आसानी से पानी टंकी के ऊपर कैसे पहुंच गया। हालांकि, इस संबंध में किसी अधिकारी की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

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