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पटना में भीड़ की अदालत: दो शूटरों की पीट-पीटकर हत्या, जमीन कारोबारी का बेटा छुड़छुड़ी गिरफ्तार

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पटना। गोपालपुर के भोगीपुर में मंगलवार की रात हुई दो शूटरों की हत्या ने पुलिस और प्रशासन दोनों को झकझोर दिया है। जमीन कारोबारी अशरफी लाल की हत्या के बाद गुस्साए लोगों ने जिन दो शूटरों को पकड़कर पीटा था, उनकी मौत के बाद अब इस भीड़ हिंसा का चेहरा पुलिस के सामने साफ होता जा रहा है।

मुख्य आरोपी के रूप में पुलिस ने कारोबारी के बेटे रविंद्र कुमार उर्फ छुड़छुड़ी गोप को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जांच में खुलासा हुआ है कि छुड़छुड़ी ने ही आसपास के लोगों को उकसाया था और भीड़ को “मार डालो” कहकर भड़काया था।

कैसे मार गिराए गए दोनों शूटर?

पुलिस की जांच के मुताबिक, अशरफी लाल की गोली मारकर हत्या होते ही छुड़छुड़ी शोर मचाते हुए बाइक पर आसपास के लोगों के साथ शूटरों के पीछे लगा।
भागते-भागते दो शूटर – विजय कुमार और प्रवीण उर्फ रोहन – भोगीपुर में भीड़ के हत्थे चढ़ गए।

यहीं से शुरू हुई बेरहम पिटाई।
लाठी, ईंट और लात-घूंसों से दोनों को तब तक कूटा गया, जब तक उनकी सांसें थम नहीं गईं।

सीसीटीवी में भीड़ के चेहरे, पाँच की भूमिका अहम

डीएसपी-टू, पटना सदर रंजन कुमार ने पुष्टि की कि हत्या की पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में कैद है।
फुटेज खंगालने के बाद पुलिस ने भीड़ में शामिल कई व्यक्तियों की पहचान कर ली है।

जांच में पांच लोगों की भूमिका बेहद अहम पाई गई है—इन्हीं पर शूटरों की हत्या की पूरी जिम्मेदारी बनती है।पुलिस इनकी गिरफ्तारी को लेकर लगातार छापेमारी कर रही है।

डीवीआर जब्त, पूछताछ तेज — छुड़छुड़ी ‘मुख्य अभियुक्त’

पुलिस ने इलाके से सीसीटीवी का डीवीआर कब्जे में लेकर फुटेज की बारीकी से जांच की।
स्थानीय लोगों की पूछताछ और गुप्त सूचना के आधार पर छुड़छुड़ी को मुख्य साजिशकर्ता मानते हुए गिरफ्तार किया गया।उसे बुधवार को जेल भेज दिया गया।

अशरफी लाल की हत्या: ज़मीन विवाद की परतें खुलीं

जमीन कारोबारी अशरफी लाल की हत्या की जांच के लिए SIT बनाई गई है।
अब तक की जांच में सामने आया है कि 14 प्लॉटों को लेकर उनका लोगों से गहरा विवाद चल रहा था।
शूटरों के मोबाइल नंबर के आधार पर पुलिस कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही है और यह भी मान रही है कि वारदात में रेकी करने वाला एक तीसरा व्यक्ति भी शामिल था।

सड़क पर रोजाना अशरफी लाल के बैठने के समय और रूटीन की जानकारी के आधार पर ही यह हत्या प्लान की गई थी।

भीड़ की हिंसा पर पुलिस की सख्ती

डीएसपी रंजन कुमार ने स्पष्ट चेतावनी दी—
“कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।”

दोहरी हत्या में भीड़ की भूमिका उजागर होने के बाद पुलिस अब एक-एक चेहरे की पहचान कर गिरफ्तारियां तेज कर रही है।

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