:
Breaking News

रोसड़ा में जाम ने ली ‘अभ्यास की शक्ल’! सड़कें बनी दुकानदारों की जागीर, प्रशासन की खामोशी से भड़की जनता

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

रोसड़ा:रोसड़ा शहर इन दिनों जिस जाम से जूझ रहा है, वह अब शहरवासियों की मजबूरी नहीं, बल्कि नियति जैसा लगने लगा है। हालत यह है कि हर दिन, हर घंटे सड़कें गाड़ियों और अतिक्रमण के बोझ से चीख रही हैं। लोग घर से निकलते हैं तो नहीं जानते कि मंज़िल पर कब पहुंचेंगे—यह शहर की विफल ट्रैफिक व्यवस्था का साफ सबूत है।

जाम अब अपवाद नहीं रहा, यह रोज़मर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। शहर की मुख्य सड़कों पर ऐसा अतिक्रमण है कि मानों दुकानदारों ने अपनी मनमर्जी से सड़क को “निजी संपत्ति” घोषित कर रखा हो। फुटपाथ गायब, सड़कें आधी दुकानों से घिरी, ऊपर से ठेला-खोमचा वालों की कतारें—नतीजा यह कि सड़कें बाजार बन चुकी हैं और बाजार पूरी तरह ठप।

दुकानदारों का कब्ज़ा – सड़कें संकरी, जाम भारी

रोसड़ा के व्यस्त इलाकों में पैदल चलना तक चुनौती है।
लोगों की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं—

दुकानें सड़क पर फैलकर आधे रास्ते को निगल चुकी हैं

ठेला-खोमचा वालों ने चौराहों को बंद कर दिया

बाइक, ऑटो और चार पहिया वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग

हर चौराहे पर अनियंत्रित भीड़ और बेपरवाह ट्रैफिक

इस अव्यवस्था का असर यह है कि 10 मिनट का सफर एक घंटे में बदल जाता है। कई जगहों पर एम्बुलेंस तक फंस जाती है।

SDO को ज्ञापन, फिर भी नहीं बदली तस्वीर

जाम से तंग आकर शहर के लोगों ने अनुमंडल पदाधिकारी संदीप कुमार को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है।
मांगें साफ हैं—

अतिक्रमण हटाओ

ट्रैफिक नियंत्रण व्यवस्था लागू करो

पुलिस और नगर परिषद को सक्रिय करो

लेकिन शिकायतों के बावजूद स्थिति जस की तस है।
न कोई अभियान चला, न कोई नोटिस, न जुर्माना— केवल खामोशी और इंतजार।

लोगों का कहना है— “जिस शहर में प्रशासन चुप है, वहां समस्या ही शासन बन जाती है।”

जाम बना जनता की जिंदगी का बोझ

जाम की समस्या ने शहर के हर तबके को प्रभावित किया है—

स्कूल के बच्चे घंटों फंस कर देर से पहुंचते हैं

मरीजों को अस्पताल पहुंचने में जोखिम बढ़ रहा

व्यापार का समय बर्बाद, ग्राहक परेशान

कर्मचारियों की देर से पहुंचने के कारण ऑफिसों का काम प्रभावित

रोजमर्रा की ये परेशानियां शहर को आर्थिक और सामाजिक दोनों स्तर पर नुकसान पहुंचा रही हैं।

जनता का सवाल: कार्रवाई कब?

लोगों का साफ कहना है कि अगर प्रशासन चाहे तो 24 घंटे में अतिक्रमण हटाकर स्थिति सुधारी जा सकती है।लेकिन आज की स्थिति यह है कि—
सड़कें दुकानदारों की, फुटपाथ गायब, और प्रशासन बेखबर।

शहर उम्मीद कर रहा है कि अधिकारी जल्द ही कड़ा एक्शन लें, नहीं तो रोसड़ा का ट्रैफिक सिस्टम पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगा।

 अतिक्रमण हटेगा तो जाम हटेगा

रोसड़ा आज बदलाव नहीं, निर्णायक कार्रवाई चाहता है।लोगों की मांग सरल है—सड़कें जनता की हैं, दुकानदारों की जागीर नहीं।अगर प्रशासन अब भी आंखें मूंदे बैठा रहा, तो रोसड़ा का जाम आने वाले दिनों में और भयावह रूप ले सकता है।लोगों की उम्मीद बस यही है कि अधिकारी नींद से जागें और शहर को राहत दिलाएं।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *