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Patna Police Didi: महिला सुरक्षा के लिए मिली 360 स्कूटी, आधी पुलिसकर्मियों को चलाने में परेशानी

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | Patna Police News | महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के लिए पटना के 36 थानों को 360 स्कूटी दी गई हैं, लेकिन करीब 50 फीसदी महिला पुलिसकर्मियों को स्कूटी चलाने में परेशानी की बात सामने आई है।

12 सितंबर, Alam Ki Khabar।पटना में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए शुरू की गई पुलिस दीदी व्यवस्था के सामने अब एक व्यावहारिक चुनौती सामने आई है। महिला पुलिसकर्मियों को फील्ड में सक्रिय करने के लिए थानों तक स्कूटी पहुंचाई गई है, लेकिन जानकारी के अनुसार करीब आधी महिला पुलिसकर्मियों को दोपहिया वाहन चलाने में परेशानी हो रही है। इनमें करीब 10 फीसदी के पास ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं होने की बात सामने आई है।

36 थानों को मिली 360 स्कूटी

पटना जिले के 36 थानों में पुलिस दीदी के लिए कुल 360 स्कूटी उपलब्ध कराई गई हैं। प्रत्येक थाना को 10 स्कूटी दी गई हैं। योजना के तहत महिला पुलिसकर्मियों को इन वाहनों से इलाके में जाकर महिलाओं और बच्चियों की समस्याओं को समझना, जागरूकता फैलाना और जरूरत पड़ने पर पुलिस सहायता उपलब्ध कराना है।

ड्राइविंग की कमी बनी बड़ी बाधा

फील्ड में उतरने की तैयारी के दौरान विभाग को पता चला कि करीब 50 फीसदी महिला पुलिसकर्मियों को स्कूटी चलाने में परेशानी है। कुछ महिला पुलिसकर्मियों का कहना है कि वे अभी वाहन चलाने में पूरी तरह दक्ष नहीं हैं और ड्राइविंग सीखने के बाद नियमित रूप से क्षेत्र में भ्रमण करेंगी।

करीब 10 फीसदी के पास लाइसेंस नहीं

सबसे गंभीर स्थिति उन महिला पुलिसकर्मियों को लेकर सामने आई है, जिन्हें दोपहिया चलाना नहीं आता और जिनके पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं है। ऐसे में स्कूटी उपलब्ध होने के बावजूद उसका इस्तेमाल फील्ड पुलिसिंग में अपेक्षित स्तर पर नहीं हो पा रहा है।

सिटी एसपी ने दिया तबादले का संकेत

सिटी एसपी मध्य ममता कल्याणी ने कहा है कि जिन महिला पुलिसकर्मियों को स्कूटी चलाना नहीं आता, उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में भेजा जा सकता है। उनकी जगह ऐसी महिला पुलिसकर्मियों को पुलिस दीदी की जिम्मेदारी देने की योजना है, जो दोपहिया वाहन चलाने में सक्षम हों और फील्ड में जाकर काम कर सकें।

महिला बल की कमी भी सामने आई

कुछ थानों में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या कम होने की जानकारी भी विभाग को मिली है। इसे देखते हुए पुलिस लाइंस से अतिरिक्त महिला पुलिस बल उपलब्ध कराने की बात कही गई है, ताकि थानों की जरूरत के अनुसार पर्याप्त महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा सके।

कॉलेजों के बाहर पुलिस दीदी की मौजूदगी पर सवाल

महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को इस योजना का प्रमुख उद्देश्य बताया गया है, लेकिन अब तक किसी महिला कॉलेज के गेट पर पुलिस दीदी की नियमित मौजूदगी दिखाई नहीं देने की बात सामने आई है। सचिवालय थाना परिसर में भी स्कूटी खड़ी होने की जानकारी से सवाल उठ रहे हैं कि वाहनों का इस्तेमाल वास्तविक फील्ड ड्यूटी में किस स्तर तक हो रहा है।

सेल्फी से होगी फील्ड ड्यूटी की निगरानी

विभाग ने फील्ड में पुलिस दीदी की सक्रियता पर नजर रखने के लिए एक निगरानी व्यवस्था भी तय की है। क्षेत्र भ्रमण के दौरान महिला पुलिसकर्मियों को मौके से सेल्फी लेकर विभाग को उपलब्ध करानी होगी। इसका उद्देश्य यह देखना है कि उपलब्ध कराई गई स्कूटी का इस्तेमाल वास्तव में क्षेत्र भ्रमण और पुलिसिंग के लिए किया जा रहा है।

ड्राइविंग सीखकर संभालेंगी जिम्मेदारी

जिन महिला पुलिसकर्मियों को फिलहाल स्कूटी चलाने में परेशानी है, उनमें से कुछ ने ड्राइविंग सीखने की बात कही है। विभाग की कोशिश भी यही है कि वाहन का इस्तेमाल करने वाली पुलिस दीदी फील्ड में सुरक्षित और प्रभावी ढंग से काम कर सकें।

दूसरे जिलों में भी वितरण की स्थिति चुनौतीपूर्ण

पटना में स्कूटी थानों तक पहुंचाई जा चुकी हैं, लेकिन वैशाली और भागलपुर समेत कुछ अन्य जिलों में वाहनों के पुलिस लाइन में ही खड़े रहने की जानकारी सामने आई है। वहां अभी सभी स्कूटी थानों तक वितरित नहीं होने की बात कही जा रही है। महिला पुलिसकर्मियों को स्कूटी और बाइक उपलब्ध कराने की प्रक्रिया 26 अगस्त से शुरू हुई थी।

महिला सुरक्षा की योजना का असली लक्ष्य फील्ड में सक्रियता

पुलिस दीदी योजना का उद्देश्य केवल महिला पुलिसकर्मियों को वाहन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें सीधे फील्ड में पहुंचाकर महिलाओं और छात्राओं तक पुलिस की पहुंच बढ़ाना है। इसलिए अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि उपलब्ध कराई गई स्कूटी कितनी जल्दी नियमित फील्ड ड्यूटी में इस्तेमाल होती हैं। ड्राइविंग प्रशिक्षण, पर्याप्त महिला बल और नियमित निगरानी इस योजना की सफलता में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

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पटना में महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस की ओर से फील्ड स्तर पर महिला पुलिसकर्मियों की सक्रियता बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।

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