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Muzaffarpur News: मुखिया की बहू शराब के साथ गिरफ्तार, घर से शराब-बीयर की खेप बरामद

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | मुजफ्फरपुर के करजा थाना क्षेत्र में उत्पाद विभाग ने छापेमारी कर मुखिया की बहू को शराब के साथ गिरफ्तार किया। घर से करीब 10 लीटर शराब बरामद हुई।

मुजफ्फरपुर, 25 सितंबर 2026। Alam Ki Khabar। जिले के करजा थाना क्षेत्र में उत्पाद विभाग की टीम ने शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक महिला को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार महिला की पहचान बड़कागांव दक्षिणी पंचायत के मुखिया सुरेश प्रसाद गुप्ता की बहू रानी कुमारी के रूप में बताई गई है। उत्पाद विभाग के अनुसार, उसके घर से शराब और बीयर की खेप बरामद की गई है। कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई।

उत्पाद विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि संबंधित घर से शराब की बिक्री की जा रही है। सूचना की जांच के बाद टीम ने देर शाम घर पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान एक बोरी में रखी शराब और बीयर बरामद होने की बात सामने आई। विभाग के अनुसार, जब्त शराब की कुल मात्रा करीब 10 लीटर है।

गुप्त सूचना के बाद घर पर छापेमारी

उत्पाद विभाग को कथित तौर पर सूचना मिली थी कि बड़कागांव दक्षिणी पंचायत में एक घर से शराब की बिक्री की जा रही है। इसके बाद अधिकारियों ने टीम बनाकर बताए गए स्थान पर कार्रवाई की।

छापेमारी के दौरान रानी कुमारी को शराब के साथ पकड़ा गया। इसके बाद उत्पाद विभाग की टीम उसे पूछताछ के लिए छाता चौक स्थित उत्पाद थाने लेकर पहुंची। बरामद शराब और बीयर को भी जब्त कर लिया गया।

अधिकारियों के मुताबिक, मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

करीब 10 लीटर शराब बरामद

उत्पाद विभाग के जिला उत्पाद इंस्पेक्टर सह थाना प्रभारी प्रकाश कुमार राम के अनुसार, कार्रवाई के दौरान करीब 10 लीटर शराब बरामद हुई है। उनका कहना है कि गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने छापेमारी की थी।

महिला के खिलाफ आबकारी कानून के तहत अभियोग दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। विभाग के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजने की तैयारी की गई।

पति पर पहले से शराब का मामला

जांच के दौरान उत्पाद विभाग को गिरफ्तार महिला के पति मनीष कुमार के खिलाफ पहले से शराब से जुड़ा मामला दर्ज होने की जानकारी मिली है। विभाग ने इस संबंध में संबंधित थाने से रिकॉर्ड मांगा है।

इसके अलावा आबकारी थाना में पहले दर्ज मामलों को भी खंगाला जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पुराने मामलों और वर्तमान कार्रवाई के बीच कोई संबंध है या नहीं।

हालांकि, पति की भूमिका और पुराने मामले की वर्तमान स्थिति के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही सामने आएगा।

शराब की सप्लाई कहां से होती थी, जांच जारी

महिला की गिरफ्तारी के बाद उत्पाद विभाग अब शराब के कथित कारोबार से जुड़े दूसरे पहलुओं की भी जांच कर रहा है। टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद शराब कहां से लाई गई थी और इसकी बिक्री किन लोगों तक की जाती थी।

जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह भी है कि क्या इस मामले में महिला अकेले शराब रखकर बिक्री करती थी या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था। विभाग संभावित सप्लायर और अन्य जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रहा है।

परिवार की भूमिका भी जांच के दायरे में

महिला के पति के खिलाफ पहले से शराब का मामला होने की जानकारी सामने आने के बाद उत्पाद विभाग परिवार से जुड़े पुराने रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल गिरफ्तारी और शराब बरामदगी को लेकर मामला उत्पाद विभाग की जांच में है। किसी व्यक्ति की आपराधिक भूमिका के संबंध में अंतिम स्थिति न्यायिक प्रक्रिया और जांच के निष्कर्षों के आधार पर तय होगी।

शराबबंदी कानून के तहत कार्रवाई

बिहार में शराब की बिक्री और सेवन पर कानूनी रोक है। ऐसे मामलों में उत्पाद विभाग और पुलिस की ओर से सूचना के आधार पर छापेमारी की जाती है। करजा थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई में भी विभाग ने कथित शराब बिक्री की सूचना के आधार पर घर की तलाशी ली।

बरामद शराब की मात्रा, उसकी प्रकृति और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों को जांच का हिस्सा बनाया गया है। विभाग की कार्रवाई आगे भी जारी रहने की बात कही गई है।

Editorial: शराब के अवैध कारोबार पर कार्रवाई जरूरी, लेकिन जांच तथ्य आधारित हो

शराबबंदी कानून के बावजूद अवैध शराब की बरामदगी और बिक्री की शिकायतें सामने आती रहती हैं। ऐसे मामलों में कार्रवाई के साथ यह पता लगाना भी जरूरी है कि शराब की सप्लाई कहां से हो रही है और इसके पीछे कौन लोग हैं।

करजा की इस कार्रवाई में एक महिला की गिरफ्तारी और घर से शराब बरामद होने की बात सामने आई है। अब जांच एजेंसियों के सामने यह स्पष्ट करने की जिम्मेदारी है कि बरामद शराब वहां कैसे पहुंची और क्या इसके पीछे कोई संगठित सप्लाई चैन थी।

किसी भी आरोपी के खिलाफ आरोप की अंतिम पुष्टि अदालत की प्रक्रिया से होती है। इसलिए जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही मामले को देखा जाना चाहिए।

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