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बिहार की नई विधानसभा का आगाज़: पेपरलेस सदन, सादगी से भरे नेता और राजनीतिक गर्माहट—सब कुछ पहले दिन ही दिखा

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बिहार में 18वीं विधानसभा का पहला सत्र आज से शुरू हो गया और पहले ही दिन सदन ने नया इतिहास लिख दिया। नए विधायकों के आगमन के साथ-साथ विधानसभा का पूरा भवन भी एक बिल्कुल नए रूप में नजर आया—डिजिटल, पेपरलेस और पूरी तरह आधुनिक।

243 विधायकों ने ली शपथ, सदन में नए चेहरे और बदला हुआ राजनीतिक संतुलन

सुबह 11 बजे से शपथ ग्रहण की प्रक्रिया शुरू हुई। प्रोटेम स्पीकर नरेंद्र नारायण यादव ने एक-एक कर सभी 243 विधायकों को शपथ दिलाई।
पहले दिन कई राजनीतिक पल सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गए.

डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव


दोनों ने साथ में शपथ ली। तेजस्वी ने सम्राट चौधरी से हाथ मिलाया और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुस्कुराकर अभिवादन किया। यह दृश्य राजनीतिक तनाव में भी एक नई परिपक्वता का संकेत देता दिखा।

उधर मंत्री रामकृपाल यादव ने शपथ के बाद तेजस्वी को गले लगाया, जबकि डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पैर छूकर आशीर्वाद लिया।

उर्दू और मैथिली में शपथ—भाषाई विविधता की झलक

इस सत्र में शपथ ग्रहण का दृश्य बिहार की सांस्कृतिक विविधता को भी बताता नजर आया।

मैथिली में शपथ लेने वाले विधायक:
अरुण शंकर प्रसाद, सुजीत पासवान, विनोद नारायण झा, आसिफ अहमद, माधव आनंद, मीणा कुमारी, नीतीश मिश्रा और सबसे कम उम्र की विधायक मैथिली ठाकुर, जो मिथिला पेंटिंग वाली साड़ी और पाग पहनकर पहुंचीं—पूरा सदन उनकी प्रस्तुति से प्रभावित दिखा।

उर्दू में शपथ लेने वाले विधायक:
आबिदुर रहमान, कमरूल होदा, सरबर आलम, AIMIM प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान और मुर्शीद आलम।

इन भाषाई पलों ने बिहार विधानसभा के पहले सत्र को खास बना दिया।

इस बार सदन का गणित बदला हुआ

NDA—202 विधायक

महागठबंधन—35 विधायक


विपक्ष संख्या में भले ही कमज़ोर है, लेकिन तेजस्वी यादव ने मीडिया से साफ कहा कि सरकार को अपराध, बेरोज़गारी और अर्थव्यवस्था के सवालों पर घेरने में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।

पहली बार पूरी विधानसभा पेपरलेस,हर सीट पर टैबलेट

बिहार की राजनीति में यह दिन ऐतिहासिक इसलिए भी रहा कि—
पहली बार पूरा सदन 100% पेपरलेस कर दिया गया है।

अब विधायक—

सवाल पूछेंगे,

जवाब पढ़ेंगे,

अपने भाषण अपलोड करेंगे,

और सदन में प्रस्तुति भी डिजिटल माध्यम से ही देंगे।


स्पीकर से लेकर सचिव तक—सभी को टैबलेट दिया गया है।
इस कदम ने बिहार विधानसभा को भारत के सबसे आधुनिक सदनों की सूची में शामिल कर दिया है।

सत्र की रूपरेखा: 1 से 5 दिसंबर तक राजनीतिक हलचल

1 दिसंबर — शपथ ग्रहण
2 दिसंबर — विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव
3 दिसंबर — राज्यपाल का अभिभाषण
4 दिसंबर — सरकार का फ्लोर टेस्ट
5 दिसंबर — विनियोग विधेयक

अध्यक्ष पद को लेकर BJP और JDU के बीच बातचीत जारी है। अगले 24 घंटे में तस्वीर साफ हो सकती है।

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