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Bihar Crime News: अररिया में STF टीम पर हमला, छह जवान घायल; तीन गिरफ्तार

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | अररिया के नरपतगंज में मादक पदार्थ तस्करी के आरोपितों को पकड़ने गई एसटीएफ टीम पर हमले में छह जवान घायल हो गए। चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

अररिया, 11 अक्टूबर: बिहार के अररिया जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की टीम पर हमले का मामला सामने आया है। नरपतगंज-फारबिसगंज फोरलेन पर थलहा नहर के पास हुई इस घटना में छह जवान घायल हो गए। इनमें चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य की तलाश में छापेमारी जारी है। पुलिस गोली चलने की परिस्थितियों और हमले में शामिल लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। �

Jagran

गुप्त सूचना पर कार्रवाई करने पहुंची थी एसटीएफ

मिली जानकारी के अनुसार, एसटीएफ को मादक पदार्थों की तस्करी से संबंधित सूचना मिली थी। इसके बाद टीम नरपतगंज थाना क्षेत्र की खैरा पंचायत स्थित देवीगंज स्टेशन के पास छापेमारी करने पहुंची।

कार्रवाई के दौरान दयानंद साह और अनिल साह को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद गिरफ्तार आरोपितों की निशानदेही पर खैरा गढ़िया पंचायत के पास फोरलेन पर मादक पदार्थों की बरामदगी के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही थी।

इसी दौरान विवाद बढ़ने और एसटीएफ की टीम पर हमला किए जाने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, खैरा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि उमर फारूक और उनके सहयोगियों सहित अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।

लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से मारपीट का आरोप

आरोप है कि हमलावरों ने एसटीएफ जवानों के साथ लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से मारपीट की। अचानक हुई घटना के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। जवानों को चोटें आईं और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाना पड़ा।

घटनास्थल पर 10 राउंड से अधिक गोली चलने की सूचना भी सामने आई है। हालांकि, गोली किस परिस्थिति में चली और फायरिंग में किन लोगों की भूमिका रही, इस संबंध में जांच जारी है।

फारबिसगंज के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राजकिशोर कुमार के अनुसार, शुरुआती जानकारी में आत्मरक्षा में गोली चलाए जाने की बात सामने आई है। दूसरी ओर, आरोपित पक्ष की ओर से भी फायरिंग किए जाने की आशंका की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

एसटीएफ की बोलेरो और कार क्षतिग्रस्त

हमले के दौरान एसटीएफ की बोलेरो गाड़ी को नुकसान पहुंचने की जानकारी मिली है। इसके अलावा सफेद रंग की टोयोटा ग्लैंजा कार भी क्षतिग्रस्त हुई।

घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने और घटना में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए कार्रवाई शुरू की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद घायल जवानों से जानकारी लेने के लिए अस्पताल भी पहुंचे।

तीन आरोपित गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी

पुलिस ने मामले में दयानंद साह, राजकुमार साह और जुल्फिकार को गिरफ्तार किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दयानंद साह देवीगंज वार्ड संख्या-13, राजकुमार साह खैरा गढ़िया वार्ड संख्या-13 और जुल्फिकार मधुरा पलार वार्ड संख्या-14 के निवासी बताए गए हैं।

पुलिस गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ कर रही है। जांच का उद्देश्य घटना के दौरान मौजूद अन्य लोगों की पहचान करना और हमले में उनकी कथित भूमिका का पता लगाना है।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि मादक पदार्थों की बरामदगी के लिए चल रही कार्रवाई के दौरान विवाद किन परिस्थितियों में बढ़ा और घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे।

छह जवान अस्पताल में भर्ती

हमले में घायल एसटीएफ जवानों की पहचान अमरजीत कुमार भारद्वाज, लोकेश कुमार, मंजेश कुमार, नीरज कुमार, राम जुलम कुमार और मुकेश कुमार के रूप में हुई है।

सभी छह जवानों को इलाज के लिए नरपतगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। इनमें चार जवानों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

घटना के बाद घायल जवानों के उपचार और उनसे घटना की जानकारी लेने के लिए पुलिस अधिकारी अस्पताल पहुंचे। फारबिसगंज एसडीपीओ राजकिशोर कुमार ने भी घायलों से जानकारी ली।

एसडीपीओ ने घटनास्थल का किया निरीक्षण

घटना की सूचना मिलने के बाद फारबिसगंज एसडीपीओ राजकिशोर कुमार घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने वहां की स्थिति का जायजा लिया और इसके बाद अस्पताल जाकर घायल जवानों से बातचीत की।

एसडीपीओ के अनुसार, मामले में तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। अन्य आरोपितों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।

फायरिंग से जुड़े तथ्यों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के समय क्या परिस्थितियां थीं और गोली चलाने की नौबत कैसे आई।

इस मामले में नरपतगंज, फुलकाहा और बथनाहा थानों की पुलिस भी सक्रिय रही। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के बीच गंभीर मामला

अररिया सीमावर्ती जिला होने के कारण मादक पदार्थों की तस्करी पर नियंत्रण पुलिस के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है। ऐसे में तस्करी के आरोपितों को पकड़ने पहुंची एसटीएफ टीम पर हमले की घटना ने कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई की सुरक्षा से जुड़े सवाल खड़े किए हैं।

फिलहाल पुलिस का ध्यान गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ, अन्य संदिग्धों की पहचान और फायरिंग की परिस्थितियों की जांच पर है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

यह भी पढ़ें: बिहार में अपराध, पुलिस कार्रवाई और प्रशासन से जुड़ी अन्य खबरें पढ़ने के लिए Alam Ki Khabar की वेबसाइट पर जाएं।

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