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Patna News: अनंत सिंह की नीरज कुमार को चुनौती, बोले- 23 अक्टूबर को निकल जाएगी ‘सारी गैस’

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | पटना स्नातक MLC चुनाव से पहले अनंत सिंह ने जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार पर फिर निशाना साधा। 23 अक्टूबर को लेकर दावा किया और कहा कि उनका विरोध पार्टी से नहीं, नीरज कुमार से है।

पटना, 16 अक्टूबर: बिहार में पटना स्नातक विधान परिषद सीट के चुनाव से पहले मोकामा विधायक अनंत सिंह और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रत्याशी नीरज कुमार के बीच सियासी टकराव लगातार तेज होता जा रहा है। अनंत सिंह ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि वह नीरज कुमार का विरोध जारी रखेंगे। उन्होंने 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस दिन नीरज कुमार का सारा ‘गैस’ निकल जाएगा। उनके इस बयान से चुनावी माहौल में एक बार फिर गर्मी आ गई है।


अनंत सिंह ने अपने विरोध को जदयू के खिलाफ बगावत मानने से इनकार किया है। उनका कहना है कि वह पार्टी में हैं और पार्टी को चुनौती नहीं दे रहे, बल्कि नीरज कुमार से अपनी नाराजगी के कारण उनके खिलाफ खड़े हैं। हालांकि, जदयू के आधिकारिक उम्मीदवार के विरोध में खुलकर बयान देना पार्टी के भीतर जारी मतभेदों को सार्वजनिक कर रहा है।


नीरज कुमार के खिलाफ विरोध जारी रखने का ऐलान


पटना स्नातक सीट पर चुनावी मुकाबले के बीच अनंत सिंह से जब नीरज कुमार के साथ चल रहे विवाद को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने अपने पुराने तेवर में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वह नीरज कुमार का विरोध कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।


अनंत सिंह ने दावा किया कि नीरज कुमार ने उनके साथ गलत किया है। इसी वजह से उन्होंने उनके खिलाफ राजनीतिक मोर्चा खोला है। उनके मुताबिक, यह किसी पार्टी को चुनौती देने का मामला नहीं, बल्कि उनके और नीरज कुमार के बीच का विवाद है।


अनंत सिंह ने यह भी कहा कि चुनाव को लेकर जदयू में जरूरत से ज्यादा बेचैनी दिखाई जा रही है। उनका मानना है कि किसी एक सीट के चुनाव को लेकर इस तरह की सक्रियता लोगों को पसंद नहीं आ रही है। उनके बयान से साफ है कि वह नीरज कुमार के समर्थन में पार्टी की ओर से चलाए जा रहे प्रचार अभियान से सहमत नहीं हैं।


23 अक्टूबर को लेकर किया बड़ा दावा


अनंत सिंह के बयान का सबसे चर्चित हिस्सा 23 अक्टूबर को लेकर उनकी टिप्पणी रही। उन्होंने नीरज कुमार के लंबे राजनीतिक अनुभव और प्रभाव पर तंज कसते हुए कहा कि मतदान के दिन उनका सारा ‘गैस’ निकल जाएगा।


अनंत सिंह ने चुनाव में अपने समर्थित उम्मीदवार की जीत का भरोसा भी जताया। उन्होंने कहा कि पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 18 उम्मीदवार मैदान में हैं और उन्हें उम्मीद है कि उनके पसंदीदा उम्मीदवार को सफलता मिलेगी।


हालांकि, चुनाव में जीत या हार का वास्तविक फैसला मतदाताओं के वोट और आधिकारिक मतगणना से ही होगा। फिलहाल अनंत सिंह का दावा और नीरज कुमार के खिलाफ उनका अभियान चुनावी चर्चा का अहम हिस्सा बन गया है।


जदयू को नसीहत, पार्टी से दूरी बनाने से इनकार


अनंत सिंह ने पार्टी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि जदयू को इस चुनाव को लेकर इतनी बेचैनी नहीं दिखानी चाहिए। उनका कहना है कि यदि नीरज कुमार ने उनके साथ गलत नहीं किया होता, तो उन्हें विरोध करने की जरूरत नहीं पड़ती।


उन्होंने अपने राजनीतिक संबंधों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति निष्ठा जताई। अनंत सिंह ने कहा कि वह नीतीश कुमार के साथ हैं और जदयू में बने हुए हैं। उन्होंने अपने विधानसभा चुनाव का भी उल्लेख किया और कहा कि नीतीश कुमार के कहने पर उन्होंने चुनाव लड़ा था।


लेकिन नीरज कुमार के मामले में उनका रुख अलग है। अनंत सिंह ने साफ किया कि वह अपनी नाराजगी के कारण नीरज का विरोध जारी रखेंगे। इस तरह उन्होंने एक ओर पार्टी के साथ रहने की बात कही, तो दूसरी ओर पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ अपने अभियान को भी कायम रखा।


जन सुराज उम्मीदवार अनुज सिंह को समर्थन


इस चुनावी विवाद का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि अनंत सिंह जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं। नालंदा में उनके रोड शो और जनसंपर्क अभियान की भी खबरें सामने आई हैं। इस दौरान उन्होंने मतदाताओं से नीरज कुमार को हराने की अपील की थी।


अनंत सिंह का यह रुख जदयू के लिए राजनीतिक रूप से अहम है, क्योंकि पार्टी ने नीरज कुमार को अपना अधिकृत उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में पार्टी के एक विधायक का दूसरे उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार करना चुनावी समीकरणों पर असर डाल सकता है।


हालांकि, अनंत सिंह के समर्थन से अनुज सिंह को कितना फायदा मिलेगा, इसका आकलन मतदान के बाद ही किया जा सकेगा। चुनाव में मतदाताओं की प्राथमिकताएं, स्थानीय मुद्दे और उम्मीदवारों का जनसंपर्क परिणाम तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


ललन सिंह और दूसरे नेताओं के बारे में क्या कहा?


जब अनंत सिंह से दूसरे नेताओं की भूमिका और उनके बारे में दिए जा रहे बयानों को लेकर सवाल किए गए, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस तरह की राजनीतिक चर्चाओं की ज्यादा जानकारी नहीं रहती। उन्होंने टीवी और मोबाइल नहीं देखने की बात भी कही।


अनंत सिंह ने यह संकेत दिया कि दूसरे नेता उनके बारे में क्या बोलते हैं, इससे उन्हें खास फर्क नहीं पड़ता। लेकिन नीरज कुमार को लेकर उन्होंने अपना रुख बदलने के कोई संकेत नहीं दिए।


इस पूरे विवाद में जदयू के वरिष्ठ नेताओं की भूमिका भी चर्चा में रही है। इससे पहले दोनों नेताओं के बीच तनाव कम कराने की कोशिशों की खबरें आई थीं, लेकिन सार्वजनिक बयानबाजी फिर तेज हो गई है।


23 अक्टूबर पर टिकी निगाहें


पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 23 अक्टूबर को मतदान होना है। चुनाव से पहले अनंत सिंह के लगातार बयानों ने इस मुकाबले को और चर्चा में ला दिया है। एक तरफ जदयू अपने प्रत्याशी नीरज कुमार के समर्थन में प्रचार कर रही है, तो दूसरी तरफ अनंत सिंह खुलकर उनके विरोध में खड़े हैं।


अब सवाल यह है कि अनंत सिंह के विरोध का चुनावी नतीजों पर कितना असर पड़ेगा और क्या उनके समर्थित उम्मीदवार को इसका फायदा मिलेगा। इसका जवाब मतदान और मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा।


फिलहाल पटना स्नातक MLC चुनाव केवल उम्मीदवारों की जीत-हार का मुकाबला नहीं रह गया है। जदयू के भीतर सामने आए मतभेद और नेताओं के बीच व्यक्तिगत तल्खी ने इसे बिहार की राजनीति का चर्चित मुद्दा बना दिया है।


Alam Ki Khabar चुनाव से जुड़े घटनाक्रम और आधिकारिक नतीजों पर नजर बनाए रखेगा।

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