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बिहार में भूमि अभिलेख अब डिजिटल: गायब दस्तावेज देने वालों को मिलेगा ‘बिहारी राजस्व योद्धा’ सम्मान

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पटना, 5 दिसंबर 2025: बिहार सरकार ने भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण और राजस्व प्रणाली में सुधार की प्रक्रिया में नई रफ्तार ला दी है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को अपने कार्यालय में लगातार चौथे दिन विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस समीक्षा बैठक में प्रधान सचिव सीके. अनिल सहित विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

28 करोड़ पन्नों का डिजिटल रिकॉर्ड

डिप्टी सीएम ने बैठक के बाद जारी वीडियो संदेश में बताया कि अब तक विभागीय पोर्टल पर 28 करोड़ पन्नों का डिजिटल रिकॉर्ड अपलोड किया जा चुका है। ये अभिलेख 28 प्रकार के अलग-अलग दस्तावेजों को शामिल करते हैं।उन्होंने कहा कि बहुत जल्द आम जनता को डिजिटल सर्टिफाइड कॉपी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे लोगों को कार्यालयों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं होगी और प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी।

गायब दस्तावेजों को देने वालों को सम्मान

कई जिलों में पुराने अभिलेखागार और अंचल स्तर पर रखे गए दस्तावेजों में कुछ पन्ने गायब पाए गए हैं। डिप्टी सीएम ने कहा कि जो नागरिक इन गायब दस्तावेजों की स्कैन कॉपी उपलब्ध कराएंगे, उन्हें सरकार ‘बिहारी राजस्व योद्धा’ सम्मान से सम्मानित करेगी।

उपलब्ध कराए गए दस्तावेज की फॉरेंसिक जांच कर सत्यता सुनिश्चित की जाएगी।

कुछ राजस्व गांवों के अभिलेख पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे मामलों में स्थानीय जानकारों की मदद ली जाएगी।

इस प्रक्रिया में सहयोग देने वाले सभी नागरिकों और स्थानीय जानकारों को सरकार द्वारा सम्मानित किया जाएगा।

राजस्व कर्मचारियों को सक्रिय भागीदारी का निर्देश

सिन्हा ने राजस्व कर्मचारियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि उन्हें इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेना होगा। इसके अलावा, उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन पुरस्कार देने की घोषणा की गई।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व प्रणाली को आधुनिक और पारदर्शी बनाना सरकार की प्राथमिकता है।

रेवेन्यू कोर्ट्स में डिजिटल मॉनिटरिंग

बैठक में रेवेन्यू कोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम की समीक्षा भी की गई। डिप्टी सीएम ने बताया कि अब सभी राजस्व न्यायालयों में ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा लागू हो चुकी है।

अंचलाधिकारी न्यायालय: 5388 में से 3705 मामलों का निस्तारण।

डीसीएलआर न्यायालय: 3.43 लाख में से 1.82 लाख मामलों का समाधान।

अपर समाहर्ता, समाहर्ता और आयुक्त न्यायालयों में भी लंबित मामलों का निपटारा तेजी से जारी।

नए और पुराने मामलों का निपटारा समयबद्ध

सिन्हा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि—

पुराने लंबित मामलों के निपटारे के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।

नए मामलों को निर्धारित समय-सीमा में समाप्त किया जाए।

कार्य में लापरवाही करने वाले अधिकारियों से जवाब-तलब किया जाएगा।

सेवा-प्रवाह और शिकायत निवारण प्रणाली में सुधार

बैठक में कॉल सेंटर, ऑनलाइन रेवेन्यू कंप्लेन मैनेजमेंट सिस्टम और सेवा-प्रवाह को बेहतर बनाने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों को तेज और पारदर्शी सेवा मिले। गौरतलब है कि,
बिहार सरकार डिजिटल इंडिया की दिशा में कदम बढ़ाते हुए भूमि अभिलेखों और राजस्व व्यवस्था को पारदर्शी, आधुनिक और नागरिक-मुखी बनाने में लगातार प्रयासरत है। गायब दस्तावेज उपलब्ध कराने वाले नागरिकों को सम्मानित करना इस पहल का सबसे बड़ा आकर्षण है, जो सरकार की जन-सहभागिता और पारदर्शिता के दृष्टिकोण को दर्शाता है।

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