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मोहम्मद यूनुस ने छोड़ा अंतरिम सरकार का पद, 18 महीने बाद खत्म हुआ संक्रमणकाल; लोकतंत्र और सुधारों पर दिया बड़ा संदेश

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ढाका। बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़ा बदलाव सामने आया है। देश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्र के नाम संबोधन में उन्होंने यह घोषणा करते हुए कहा कि अंतरिम सरकार का कार्यकाल पूरा हो चुका है और अब लोकतांत्रिक व्यवस्था को स्थायी रूप से मजबूत करने का समय है। उनके इस्तीफे के साथ ही लगभग डेढ़ साल से जारी अंतरिम प्रशासन का अध्याय भी समाप्त हो गया।
यूनुस का यह फैसला ऐसे समय आया है जब तारिक रहमान के नेतृत्व में नई सरकार बनने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और वे जल्द ही देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह घटनाक्रम बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के संक्रमण काल के औपचारिक अंत का संकेत है।
अपने विदाई संबोधन में यूनुस ने अगस्त 2024 के छात्र आंदोलन को ऐतिहासिक मोड़ बताते हुए कहा कि वह दिन देश की “नई आजादी” का प्रतीक था। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रही शेख हसीना सरकार के पतन ने देश को लोकतांत्रिक पुनर्निर्माण का अवसर दिया। यूनुस ने छात्रों और युवाओं की भूमिका को निर्णायक बताते हुए कहा कि उनके साहस ने राजनीतिक बदलाव की नींव रखी।
यूनुस ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि अंतरिम प्रशासन ने बेहद कठिन परिस्थितियों में काम शुरू किया था। संस्थाएं कमजोर थीं, अर्थव्यवस्था दबाव में थी और राजनीतिक भरोसा टूट चुका था। ऐसे हालात में सरकार ने चुनावी ढांचे को मजबूत करने, प्रशासनिक सुधार लागू करने और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए।
उन्होंने हाल ही में हुए राष्ट्रीय चुनावों को लोकतांत्रिक पुनर्स्थापन की मिसाल बताया और कहा कि मतदाताओं, राजनीतिक दलों और संस्थाओं ने मिलकर शांतिपूर्ण और विश्वसनीय चुनाव कराकर भविष्य के लिए नया मानदंड स्थापित किया है।
अपने भाषण में यूनुस ने “जुलाई चार्टर” का भी उल्लेख किया, जिसमें संस्थागत सुधारों और सत्ता के दुरुपयोग पर रोक से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन सुधारों को लागू कर देश में अधिनायकवाद की वापसी की संभावनाओं को स्थायी रूप से समाप्त किया जा सकेगा।
क्षेत्रीय सहयोग पर जोर देते हुए यूनुस ने कहा कि बांग्लादेश की भौगोलिक स्थिति उसे दक्षिण एशिया की आर्थिक गतिविधियों का अहम केंद्र बना सकती है। उन्होंने नेपाल, भूटान और भारत के पूर्वोत्तर राज्यों के साथ व्यापार और कनेक्टिविटी बढ़ाने की संभावनाओं को रेखांकित करते हुए कहा कि समुद्री पहुंच बांग्लादेश को वैश्विक अर्थव्यवस्था से जोड़ने का बड़ा अवसर देती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यूनुस के इस्तीफे के साथ बांग्लादेश अब पूर्ण राजनीतिक संक्रमण से निकलकर स्थिर लोकतांत्रिक शासन की ओर बढ़ रहा है, जहां आगामी सरकार के सामने आर्थिक सुधार, राजनीतिक संतुलन और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने की बड़ी चुनौती होगी।

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