:
Breaking News

बिहार के संस्कृत विद्यालयों को मिलेगा नया स्वरूप, सर्व शिक्षा अभियान से जुड़ाव और आधुनिक पाठ्यक्रम

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

अमरदीप नारायण प्रसाद समस्तीपुर

समस्तीपुर।बिहार राज्य संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मृत्युंजय झा ने शनिवार को समस्तीपुर में संस्कृत विद्यालयों के विकास और सुधार को लेकर अहम बैठक की। इस अवसर पर विद्यालयों के हेड मास्टरों के साथ चर्चा करते हुए उन्होंने योजना का विवरण साझा किया और कहा कि राज्य के सभी संस्कृत विद्यालयों को सर्व शिक्षा अभियान से जोड़कर आधुनिक शिक्षण सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सभी विद्यालयों में मिड-डे मील (MDM), पोशाक योजना और साइकिल योजना लागू की जाएगी। छात्रों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सभी हेड मास्टरों और शिक्षकों को सौंपी गई है। इसके अलावा, 47 विद्यालयों को मॉडल विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा और 50 संस्कृत हाई स्कूलों को 10+2 संस्कृत विद्यालय में अपग्रेड किया जाएगा, जहां छात्र उप शास्त्री की पढ़ाई कर सकेंगे।
संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष ने बताया कि 27 साल पुराने सिलेबस को नया रूप दिया जा रहा है। नए पाठ्यक्रम में रामचरित्र मानस से लेकर भगवत गीता तक शामिल किया गया है, जिससे छात्रों को अपने संस्कार, धर्म और संस्कृति की शिक्षा मिले। नए सिलेबस की रूपरेखा सरकार को भेज दी गई है और अगले शैक्षणिक सत्र से इसे लागू किया जाएगा।
साथ ही, परीक्षा नियमावली में भी अद्यतन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 1996 के बाद नियमावली में बदलाव नहीं हुआ था। नए सत्र से नई नियमावली के अनुसार परीक्षा आयोजित की जाएगी।
पूर्व में फर्स्ट डिवीजन से उत्तीर्ण सामान्य जाति और एसटी/एससी वर्ग के छात्र जिन्हें सेकंड क्लास में पास होने के बावजूद प्रोत्साहन राशि का हक था, उन्हें 10,000 रुपये पुनः उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। सरकार के पास ऐसे छात्रों की सूची भेज दी गई है और जल्द ही उनका खाता क्रेडिट कर दिया जाएगा।
संस्कृत विद्यालयों के भवनों की स्थिति का भी विशेष ध्यान रखा गया है। जर्जर भवनों की सूची तैयार कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री को 1296 करोड़ रुपए का डीपीआर भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद इन भवनों का निर्माण कार्य शुरू होगा, जिससे छात्रों को बेहतर शिक्षा के लिए उचित और सुरक्षित वातावरण मिलेगा।
मृत्युंजय झा ने कहा कि इन कदमों से संस्कृत शिक्षा का आधुनिकीकरण होगा और छात्र अपनी जड़ों, संस्कारों और धर्म की शिक्षा के साथ आधुनिक दुनिया के लिए तैयार होंगे।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *