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पटना में भाजपा नेता नितिन नवीन के सुरक्षाकर्मी से साइबर ठगी करने वाले पिता-पुत्र गिरफ्तार, STF और दिल्ली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

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पटना में भाजपा नेता नितिन नवीन के सुरक्षाकर्मी से साइबर ठगी करने वाले पिता-पुत्र को STF और दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली भेजा गया।

पटना/आलम की खबर:बिहार की राजधानी पटना में साइबर अपराध का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां भाजपा नेता Nitin Nabin के सुरक्षाकर्मी से ऑनलाइन ठगी करने वाले पिता-पुत्र को संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार कर लिया गया। बिहार एसटीएफ और दिल्ली पुलिस की टीम ने लंबे तकनीकी अनुसंधान और निगरानी के बाद दोनों आरोपितों को जक्कनपुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई के बाद साइबर ठगी के उस नेटवर्क की परतें खुलनी शुरू हो गई हैं, जो लोगों को फर्जी कस्टमर केयर नंबर के जरिए निशाना बना रहा था।

गिरफ्तार आरोपितों की पहचान मनेर क्षेत्र के मोहरी बगीचा निवासी अरविंद भारती और उनके बेटे शनि कुमार के रूप में की गई है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने गूगल पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर अपलोड कर लोगों को जाल में फंसाया और ऑनलाइन रिफंड के नाम पर पैसे ठग लिए। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं था, बल्कि दूसरे राज्यों के लोगों को भी निशाना बनाया जा चुका है।

ऑनलाइन रिफंड के बहाने की गई ठगी

जानकारी के अनुसार पूरा मामला फरवरी महीने का है। भाजपा नेता के सुरक्षाकर्मी ने ऑनलाइन एक सामान मंगाया था, लेकिन डिलीवरी के बाद सामान खराब निकला। इसके बाद उसने रिफंड लेने के लिए इंटरनेट पर संबंधित कंपनी का कस्टमर केयर नंबर खोजा। यहीं से साइबर अपराधियों ने उसे अपने जाल में फंसा लिया।

गूगल पर दिखाई दे रहा नंबर असली कंपनी का नहीं बल्कि ठगों द्वारा डाला गया फर्जी नंबर था। सुरक्षाकर्मी ने जब उस नंबर पर संपर्क किया, तो आरोपितों ने खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताकर भरोसा जीत लिया। इसके बाद उन्होंने तकनीकी प्रक्रिया और रिफंड के नाम पर उसे बैंकिंग डिटेल साझा करने के लिए कहा और कुछ ही देर में उसके खाते से लगभग एक लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए।

जब खाते से रकम कटने लगी तब पीड़ित को एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुका है।

दिल्ली साइबर पुलिस में दर्ज हुई शिकायत

ठगी का पता चलने के बाद पीड़ित ने दिल्ली के साइबर पुलिस स्टेशन सेंट्रल में एफआईआर दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस की साइबर टीम ने तकनीकी जांच शुरू की। जांच के दौरान जिन मोबाइल नंबरों और बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया था, उनकी लोकेशन बिहार के पटना जिले तक पहुंची।

तकनीकी निगरानी और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए पुलिस को यह जानकारी मिली कि आरोपी मनेर क्षेत्र के रहने वाले हैं। इसके बाद दिल्ली पुलिस की टीम बिहार पहुंची और स्थानीय एजेंसियों के साथ मिलकर जांच शुरू की।

घर बेचकर फरार हो चुके थे आरोपी

जब दिल्ली पुलिस की टीम 13 मई को मनेर पहुंची, तब तक आरोपी अपना घर बेचकर वहां से फरार हो चुके थे। इससे जांच और चुनौतीपूर्ण हो गई। हालांकि पुलिस ने स्थानीय लोगों से पूछताछ की और पुराने मोबाइल नंबरों व डिजिटल ट्रांजेक्शन के आधार पर आरोपितों की गतिविधियों को ट्रैक करना शुरू किया।

इसके बाद बिहार एसटीएफ को भी जांच में शामिल किया गया। दोनों एजेंसियों ने संयुक्त रूप से मोबाइल लोकेशन और तकनीकी डेटा की मदद से जक्कनपुर इलाके में दबिश दी और आखिरकार दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क होने की आशंका

जांच एजेंसियों को शक है कि पिता-पुत्र का संबंध किसी बड़े साइबर गिरोह से हो सकता है। पुलिस अब उनके बैंक खातों, मोबाइल रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रांजेक्शन की गहन जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी में यह भी सामने आया है कि दोनों ने कई अन्य राज्यों के लोगों से भी लाखों रुपये की ठगी की हो सकती है।

फर्जी कस्टमर केयर नंबर बना नया हथियार

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि फर्जी कस्टमर केयर नंबर आजकल ऑनलाइन ठगी का बड़ा माध्यम बन चुके हैं। ठग गूगल सर्च रिजल्ट में नकली नंबर अपलोड कर देते हैं और लोग बिना सत्यापन के उन पर कॉल कर बैठते हैं। इसके बाद उन्हें रिफंड, केवाईसी या बैंक वेरिफिकेशन के नाम पर ठगा जाता है।

पुलिस की अपील: सतर्क रहें

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी कंपनी का कस्टमर केयर नंबर केवल उसकी आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से ही लें। गूगल पर दिख रहे नंबरों पर सीधे भरोसा करने से बचें और किसी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक डिटेल या ओटीपी साझा न करें।

ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली भेजे गए आरोपी

गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपितों को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली ले जाया गया, जहां उन्हें अदालत में पेश किया गया। बाद में कोर्ट के आदेश पर उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस अब इस मामले में और लोगों की संलिप्तता की जांच कर रही है।

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