:
Breaking News

बिहार में 161 नए बालू घाटों से जल्द शुरू होगा खनन, निर्माण कार्यों को मिलेगी राहत

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

बिहार में 161 नए बालू घाटों से जल्द खनन शुरू होगा। इससे बालू की आपूर्ति बढ़ेगी और निर्माण कार्यों के लिए लोगों को राहत मिलेगी।

पटना/बिहार/आलम की खबर:बिहार में निर्माण कार्यों के लिए आवश्यक बालू की उपलब्धता को लेकर बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार जल्द ही 161 नए बालू घाटों से खनन शुरू करने की तैयारी में है। इन घाटों के सक्रिय होने के बाद बाजार में बालू की आपूर्ति बढ़ेगी और निर्माण कार्यों की गति तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

राज्य सरकार ने हाल ही में पीला बालू के 107 और उजला बालू के 54 नए घाटों की बंदोबस्ती पूरी कर ली है। अब इन सभी घाटों से खनन कार्य शुरू करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक अनुमति और व्यवस्थाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है ताकि खनन कार्य बिना किसी बाधा के शुरू हो सके।

इन नए घाटों में भोजपुर, अरवल, औरंगाबाद, पटना, गया और जमुई जैसे जिले प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन क्षेत्रों में खनन शुरू होने के बाद स्थानीय स्तर पर बालू की उपलब्धता में सुधार होगा और लोगों को निर्माण कार्यों के लिए आसानी से सामग्री मिल सकेगी।

वर्तमान स्थिति की बात करें तो राज्य में पीला बालू के लगभग 204 घाटों और उजला बालू के 35 घाटों से खनन कार्य जारी है। नए घाटों के शुरू होने के बाद यह संख्या बढ़कर पीला बालू के लिए 311 और उजला बालू के लिए 89 घाटों तक पहुंच जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बाजार में सप्लाई बेहतर होगी और कीमतों पर भी नियंत्रण बनने की संभावना है।

खनन विभाग के अनुसार, राज्य में पीला बालू के कुल 466 घाट चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से अब तक 311 घाटों की ही बंदोबस्ती हो पाई है। वहीं 155 घाटों की प्रक्रिया अभी लंबित है। इसी तरह उजला बालू के कुल 541 घाटों में से अधिकांश घाटों की नीलामी अभी बाकी है।

विभाग ने इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए जिला प्रशासन को निर्देश जारी किए हैं, ताकि सभी चिन्हित घाटों की जल्द से जल्द नीलामी और संचालन शुरू किया जा सके।

बालू की आपूर्ति बढ़ने से सबसे बड़ा फायदा आम लोगों और निर्माण क्षेत्र से जुड़े लोगों को मिलेगा। घर बनाने वाले लोगों को जहां उचित कीमत पर बालू उपलब्ध हो सकेगा, वहीं बड़ी निर्माण परियोजनाओं को भी गति मिलने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बालू की आपूर्ति में सुधार होने से न केवल बाजार स्थिर होगा, बल्कि अवैध खनन पर भी नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी। सरकार की यह पहल आने वाले समय में निर्माण क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

कुल मिलाकर, 161 नए बालू घाटों का शुरू होना बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्माण क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *